ग्रीनलैंड में जमा बर्फ में पहली बार वैज्ञानिकों को विशाल विषाणुओं की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। हालांकि, इन विषाणुओं को माइक्रोस्कोप की मदद के बिना नहीं देखा जा सकता। इनके बारे में एक और चिंताजनक बात यह है कि ये वायरस न केवल ज्यादा बड़े होते हैं, बल्कि वातावरण में लंबे समय तक जीवित रहने की इनकी क्षमता भी बहुत अधिक होती है।
वैज्ञानिकों को पहली बार ग्रीनलैंड में जमा बर्फ में विशाल (जायंट) वायरसों की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। यह वायरस आकार में बैक्टीरिया से भी बड़े हैं। हालांकि, इसके बावजूद इन विषाणुओं को माइक्रोस्कोप की मदद के बिना नहीं देखा जा सकता। इनके बारे में एक और चिंताजनक बात यह है कि ये वायरस न केवल ज्यादा बड़े होते हैं, बल्कि वातावरण में लंबे समय तक जीवित रहने की इनकी क्षमता भी बहुत अधिक होती है।
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इन विशाल वायरसों को पहली बार 1981 में देखा गया था, जब वैज्ञानिकों को इनकी समुद्र में मौजूदगी का पता चला था। ये वायरस समुद्र में हरे शैवाल को संक्रमित करने में माहिर हैं। बाद में इन्हें जमीन, मिट्टी और यहां तक की मनुष्यों में भी खोजा गया था। शोधकर्ताओं के अनुसार, इनके केंद्र में डीएनए का एक समूह होता है। इस डीएनए में प्रोटीन के निर्माण के लिए आवश्यक सभी आनुवंशिक जानकारी या नुस्खे होते हैं जो अधिकतर वायरस में काम करते हैं, लेकिन इन नुस्खों का उपयोग करने के लिए वायरस के डबल-स्ट्रैंडेड डीएनए को सिंगल-स्ट्रैंडेड एमआरएनए में बदलने की आवश्यकता होती है। सामान्य वायरस ऐसा नहीं कर सकते। इसके बजाय उनके पास आरएनए के स्ट्रैंड होते हैं, जो वायरस से कोशिका को संक्रमित करने और उसकी मशीनरी पर कब्जा करने के बाद सक्रिय होने की प्रतीक्षा करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ विशाल वायरस स्वयं ऐसा कर सकते हैं जो उन्हें सामान्य वायरस से बहुत अलग बनाता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, चूंकि ये विशाल वायरस अपेक्षाकृत नई खोज है, ऐसे में इनके बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। ज्यादातर वायरसों से इतर इनके पास कई सक्रिय जीन होते हैं जो उन्हें डीएनए की मरम्मत करने के साथ-साथ प्रतिकृति तैयार करने और उनका उपयोग करने की अनुमति देते हैं। उनके पास ये जीन क्यों हैं और वे उनका उपयोग कैसे करते हैं यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इन वायरस की खोज के लिए शोधकर्ताओं ने नमूनों में सभी डीएनए का विश्लेषण किया। इसमें से उन विशिष्ट जीन की पहचान की जो अब तक ज्ञात विशाल वायरसों के सीक्वेंस से मेल खाते हैं।