भाजपा ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के एनपीए के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराने और नेशनल हेराल्ड मामले में हाईकोर्ट से गांधी परिवार को राहत न मिलने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूछा कि पीएम नरेंद्र मोदी से लिपटने के लिए आतुर रहने वाले राहुल गांधी आखिर आयकर विभाग के अधिकारियों से क्यों भागते हैं? इस दौरान ईरानी ने राहुल की कंपनी द्वारा असोसिएटेड जनरल का 90 करोड़ का लोन 50 लाख में खरीदने पर भी सवाल खड़ा किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजन की दी गई जानकारी से साफ हो जाता है कि देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ बना एनपीए यूपीए सरकार की देन दी। सबसे अधिक बैड लोन 2006 से 2008 के बीच दिए गए। उन्होंने यूपीए के कार्यकाल में भारतीय बैंकिंग सिस्टम पर हमला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि गांधी परिवार करदाताओं के पैसे बर्बाद करना चाहता था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर गांधी परिवार ने वाकई कुछ गलत नहीं किया है तो इन्हें नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर विभाग की जांच से डर क्यों लगता है। ये आयकर विभाग के अधिकारियों से भागते क्यों हैं? अगर गांधी परिवार ईमानदार है तो उसे आयकर विभाग के सवालों का सामना करना चाहिए।
रघुराम राजन ने मेहुल चौकसी और नीरव मोदी का नाम पीएम को भेजा था: कांग्रेस
कांग्रेस ने एनपीए पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के सवालों को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय पर सवाल उठाए हैं। प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरबीआई कबथ पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की उसी रिपोर्ट का हवाला दिया है जिसमें उन्होंने 2016 में तमाम बड़े कर्जदारों की सूची भेजी थी जिनके भागने की संभावना थी। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि राजन ने जिन भगौड़ों की सूची भेजी थी उसमें मेहुल चौकसी और नीरव मोदी का नाम भी था। पीएम ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। पार्टी ने उन्हें पीएमओ से संरक्षण और संलिप्तता का आरोप लगा प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया है।
सुरजेवाला ने स्वीकारा कि हो सकता है कि यूपीए के कार्यकाल में दिए गए लोन की वजह से उस समय 2 लाख 83 करोड़ का एनपीए था। जिसकी जिम्मेदारी हमारी बनती है लेकिन मोदी सरकार के बीते चार सालों 10 लाख 30 हजार करोड़ का एनपीए है इसका जिम्मेदार कौन है।
कांग्रेस ने हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी के वीडियो के सामने आने और खुद को बेकसूर बताने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस ने पूछा अगर ईडी झूठ बोल रही है 24 हजार करोड़ का घोटाला कैसे हुआ। सुरजेवाला ने मीडिया को जारी दस्तावेजों के आधार पर चौकसी और नीरव मोदी के खिलाफ तीन साल पहले पीएमओ को शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई न होने पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने सांसद कपिल सिब्बल के संसद में पूछे गए सवाल के पीएमओ से मिले जवाब का उत्तर भी दिखाया जिसमें माना गया है कि मेहुल चौकसी के फ्राड की जानकारी पीएमओ को मिली थी। कांग्रेस ने मेहुल चौकसी को देश से भागने और एंटीगुआ की नागरिता लेने में मोदी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। सुरजेवाला ने कहा चौकसी ने देश से भागने के एक साल पहले जून 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता के लिए आवेदन किया। वहां की सरकार ने विदेश मंत्रालय से पूछा तो उसे क्लीनचिट दे दी गई।
जबकि उसके खिलाफ पीएमओ समेत सीबीआई, ईडी, कॉरपोरेट मंत्रालय, वित्त मंत्रालय आदि में शिकायतें दर्ज थीं। आखिर क्लीनचिट देते समय भारत का पासपोर्ट रद्द क्यों नहीं किया गया और भागने का मौका दिया गया। सुरजेवाला ने बताया कि 7 मई 2015 को मेहुल चौकसी के बैंकों से फ्रॉड की शिकायत वैभव खुरानिया ने पीएमओ को भेजी गई थी। शिकायत मिलने की पुष्टि भी 26 मई 2015 को पीएमओ ने की थी।
बावजूद तीन साल तक कार्रवाई नहीं हुई और 4 जनवरी 2018 को मेहुल भाग गया। उसके खिलाफ मुंबई पुलिस में और गुजरात में भी दिग्विजय सिंह जडेजा ने आर्थिक अपराध शाखा और हाईकोर्ट में शिकायत की थी कि बैंकों का पैसा लेकर भागने वाला है। 26 जुलाई 2016 को हरि प्रसाद नामक व्यक्ति ने भी बैंक फ्रॉड होने की शिकायत पीएमओ से की थी। 3 मई 2017 में वैभव खुरानिया ने सेबी से भी शिकायत की बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।