उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से सरकार स्मार्टफोन और टैबलेट निर्माता कंपनियों के लिए अपने उत्पादों की मरम्मत के बाद उन्हें रेटिंग देना अनिवार्य कर सकती है। कंपनियों को यह रेटिंग 'मरम्मत योग्यता सूचकांक' पर देनी होगी। इससे उपभोक्ताओं के लिए उस उत्पाद को खरीदने के बारे में सही निर्णय कर पाना आसान हो जाएगा। इसके लिए सरकार की एक समिति ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत क्षमता से संबंधित रेटिंग व्यवस्था शुरू करने की सिफारिश करने वाली एक रिपोर्ट शुक्रवार को पेश की।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भरत खेरा की अगुवाई में बनी समिति ने उद्योग जगत और उपभोक्ता संगठनों के बीच बनी सहमति के बाद इस रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा, समिति ने मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। मंत्रालय इन सिफारिशों की जांच के बाद कुछ दिशानिर्देश जारी करेगा। उन्होंने कहा, कंपनियां लंबे समय तक चलने वाले उपकरण नहीं बना रही हैं। असल में, वे उपभोक्ताओं को दूसरा उत्पाद खरीदने को मजबूर कर रही हैं, क्योंकि उन्होंने उनके चलन से बाहर होने की योजना बना ली है।
पहले चरण में स्मार्टफोन और टैबलेट होंगे शामिल
समिति के प्रमुख भरत खेरा ने कहा, इस व्यवस्था के तहत पहले चरण में स्मार्टफोन और टैबलेट को शामिल किया जाएगा। अगले चरण में लैपटॉप, डेस्कटॉप और अन्य उत्पाद शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, फीचर फोन को इस रेटिंग से बाहर रखने का प्रस्ताव है, लेकिन आगे चलकर इसका दायरा धीरे-धीरे बढ़ सकता है। अगर कोई सेवा संतोषजनक है तो उसे पांच की रेटिंग मिलेगी, जबकि मध्यम स्तर का होने पर तीन रेटिंग मिलेगी।
कंपनियों को समझनी होगी अपनी जिम्मेदारी
उपभोक्ता मामलों की सचिव ने कहा, इस सूचकांक को लाने के पीछे मकसद यह है कि स्मार्टफोन एवं इलेक्ट्रॉनिक निर्माता कंपनियां उपकरणों की मरम्मत से जुड़े परिवेश मुहैया कराने की अपनी जिम्मेदारी को लेकर संवेदनशील हों। इस सूचकांक के आधार पर उत्पादों को रेटिंग दी जाएगी ताकि उपभोक्ता उसके आधार पर निर्णय ले सकें।
पांच बिंदु वाले रेटिंग पैमाने की सिफारिश
समिति ने पांच बिंदु वाले रेटिंग पैमाने की सिफारिश की है। इसे बिक्री केंद्रों, पैकेजिंग और वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इस रेटिंग की घोषणा के लिए उपकरण विनिर्माता जिम्मेदार होंगे। मोबाइल फोन की रेटिंग कई मापदंडों पर आधारित होगी, जिसमें डिस्प्ले स्क्रीन, बैटरी, कैमरा, चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर जैसे प्रमुख घटकों की मरम्मत क्षमता, खोलने में आसानी, कलपुर्जों की उपलब्धता और सॉफ्टवेयर अपडेट की नीतियां शामिल हैं।