फ्री वाईफाई इंटरनेट का मजबूत नेटवर्क, रोशनी में जगमग साफ सुथरी सड़कें। हर अहम मोड़ की निगरानी में लगे सीसीटीवी कैमरे। खूबसूरत फव्वारे। तय शेडयूल से निर्बाध जलापूर्ति। हम किसी महानगर या शहर की बात नहीं कर रहे। यह सब सुविधाएं जिले की मवाना नगर पालिका में हैं। बेहतर सोच और कुछ कर दिखाने के जज्बे का यह एक अच्छा उदाहरण है। खास बात यह है कि सड़कों में लगने वाली टाइल्स में भी विशेष रंगों का इस्तेमाल किया गया है। वजह है कि शहर की सूरत बेहतर लगे और लोगों को कुछ अलग होने का अहसास हो।
इसलिए अलग है नगर पालिका
जीपीआरएस से लैस जलापूर्ति व्यवस्था
नौ नलकूप साफ्टवेयर मॉडम और जीपीआरएस से लैस हैं। इसमें मोबाइल फोन या इंटरनेट के माध्यम सेे टाइम फीड कर दिया जाता है। निर्धारित समय से नलकूप चालू और बंद हो जाते हैं। इसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से चेयरपर्सन को मिल जाती है। साफ्टवेयर लो वोल्टेज की सूचना देता है, तो जनरेटर से आपूर्ति होती है।
अहम मोड़ पर सीसीटीवी कैमरे
नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे अपराध घटा है। कई बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद इन कैमरों में कैद होने के कारण पकड़े गए हैं।
गरीबों को मिलता है निशुल्क शुद्ध पानी
गरीबों को निशुल्क शुद्ध पानी
नगर पालिका की ओर से गरीबों को निशुल्क आरओ के पानी की सप्लाई की जाती है। आम आदमी के लिए सस्ते दाम में एक रुपये प्रति लीटर पानी दिया जाता है। नगर में कई स्थानों पर पानी की मशीनें लगाई गई हैं। यह एटीएम की तरह कार्ड से पानी देती हैं।
निशुल्क वाईफाई सुविधा
नगर पालिका ने डॉ. स्नेह मोड़, पंचायती धर्मशाला, सचदेवा मार्किट, ए एस इंटर कॉलेज, मखदूमपुर रोड, तहसील, डॉ. महेंद्र वाली गली में हाट स्पॉट लगाए हैं। बीएसएनएल को ९ लाख रुपये प्रतिवर्ष किराया दिया जाता है। कोई भी निवासी हाउस टैक्स की रसीद दिखाकर यूजर नेम और पासवर्ड ले सकता है। अभी १३०० लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। सभी सरकारी कार्यालय फायदा ले रहे हैं।
हाईटेक साफ सफाई
नगर की सफाई तीस लाख के गारबेज कांपेक्टर से होती है। यह कवर्ड मशीन डस्टबिन को उठाकर कूड़ा वैन में डाल देती है। इसके अंदर रोलर लगा है, जो कूड़े को मिक्स कर दबा देता है। मिनी कार के समान रोड स्वीपर मशीन है। यह मशीन इटली के कान्सेप्ट पर लगाई गई है। इसमें तमाम ब्रश लगे हैं, जो डस्ट को मशीन में पहुंचा देते हैं।
पालिका के पास जेट क्लीनर भी है। नगर के सौंदर्यीकरण के लिए स्विट्जरलैंड की टेक्नोलॉजी की मदद ली गई है। ११ हजार का ग्रास और ३२ हजार रुपये का ट्री कटर से एक ही व्यक्ति ऊंचे से ऊंचे पेड़ों की कटाई कर सकता है। खास मौकों और त्योहारों पर नगर में आधुनिक मशीन से खुशबू का छिड़काव किया जाता है।
डिजिटल लाउडस्पीकर से लोगों को दी जाती है जानकारी
पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम
नगर के प्रमुख चौराहों पर डिजिटल लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से पालिका से ही लोगों को समस्त जानकारी दे दी जाती है। मुख्य मार्गों पर जनरेटर से बिजली आपूर्ति नगर पालिका के मुख्य मार्गों पर जनरेटर से आपूर्ति कराई जाती है। मुख्य मार्गों और बाजार में २८३ एलईडी लाइटें लगवाई गई हैं। अलग से लाइन भी खिंचवाई गई है। लाइटों को ठीक कराने के लिए स्काई लिफ्टर का प्रयोग किया जाता है।
ऐसे किया खर्च पर नियंत्रण मवाना की चेयरपर्सन डॉ. नीरा चंद्रा ने बताया कि वाहनों और जेनरेटरों में साढ़े सात हजार लीटर प्रतिमाह तेल खर्च हो रहा था। इसे व्यवस्थित किया तो नियंत्रित होकर २२५० लीटर प्रतिमाह रह गया। उस समय वाहनों की संख्या ११ और जनरेटर ४ थे। इस समय वाहन बढऩे के बाद भी डीजल का खर्च ३ हजार लीटर पार नहीं कर पाया है। इस तरह डीजल से ३० लाख रुपये सालाना की बचत की गई। सफाई कर्मचारियों की संख्या कम कर वेतन भी बचाया गया।
आजम खां भी मांग चुके हैं यह फार्मूला
आजम खां मांग चुके हैं फार्मूला
डॉ. नीरा चंद्रा के विकास के फार्मूले को नगर विकास मंत्री आजम खां मांग चुके हैं। इस फार्मूले को प्रदेश की नगर पालिका और नगर पंचायतों में लागू करने का प्लान है। वे जब भी कहीं विदेश घूमने के लिए गई तो मवाना के लोगों के लिए कुछ न कुछ टेक्नोलॉजी लेकर ही लौटीं।
ये है फ्यूचर प्लान
लाइव वेब सिस्टम नगर में कुछ स्थानों पर मोबाइल कैमरा और स्क्रीन लगाई जाएंगी। इसके माध्यम से कार्यक्रम आदि की जानकारी दी जाएगी। इससे मवाना के इतिहास आदि के बारे में भी सूचनाएं भी लोगों को दी जाएंगी।
सोलर एनर्जी प्लांट
एक हजार किलो वाट की सोलर एनर्जी प्लांट लगाने की योजना है, जिसमें ढाई करोड़ का खर्च आएगा।