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Assam: मृतक महिला के पति ने CID के महानिरीक्षक के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, आरोपी से संबंध होने का किया था दावा

Wed, 14 Jun 2023 11:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

भाजपा की गोलपाड़ा जिला सचिव जोनाली नाथ का शव सोमवार सुबह सालपारा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-17 पर पाया गया था, जो कृष्णाई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के तहत आता है। शव मिलने के बाद मटिया इलाके में दुकान चलाने वाले हसनुर इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरोपी हसनुर इस्लाम, मृतक जोनाली नाथ, पति चंद्र कुमार नाथ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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असम की दिवंगत भाजपा नेता जोनाली नाथ के पति ने बुधवार को सीआईडी के महानिरीक्षक (आईजी) देवराज उपाध्याय के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सीआईडी के महानिरीक्षक ने दावा किया था कि गिरफ्तार आरोपी हसनुर इस्लाम का मृतक के साथ संबंध था।

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भाजपा की गोलपाड़ा जिला सचिव जोनाली नाथ का शव सोमवार सुबह सालपारा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-17 पर पाया गया था, जो कृष्णाई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के तहत आता है। शव मिलने के बाद मटिया इलाके में दुकान चलाने वाले हसनुर इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया। उपाध्याय ने एक मीडिया ब्रीफिंग में दावा किया कि इस्लाम ने पूछताछ के दौरान माना कि वह पहले जोनाली के साथ रिश्ते में था, लेकिन कुछ महीने पहले उसने दूसरी महिला से शादी कर ली।

अधिकारी ने कहा कि भाजपा नेता जोनाली का उसके साथ आमना-सामना हुआ और उनके बीच एक कार में बहस हुई थी, जिसके बाद इस्लाम ने उस पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी और उसके शव को राजमार्ग पर फेंक दिया और अपनी कार में भाग गया। 
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मृतक महिला के पति चंद्र कुमार नाथ ने गोलपाड़ा जिले के मटिया पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा कि उन्हें अपनी पत्नी पर पूरा भरोसा है और वह व उनका परिवार उपाध्याय के दावे को स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'हम उपाध्याय से माफी की मांग करते हैं क्योंकि उनके बयान से मेरी मृत पत्नी और मेरे पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। मैं हत्या की उचित और विस्तृत जांच की भी मांग करता हूं क्योंकि इसने मेरी दो बेटियों के जीवन को भी नष्ट कर दिया है।' 

मामले की समीक्षा के लिए बुधवार को गोलपाड़ा का दौरा करने वाले पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने भी स्वीकार किया कि आईजीपी को सार्वजनिक रूप से बयान नहीं देना चाहिए था। सिंह ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में उपाध्याय को परामर्श जारी करने को कहा है। सिंह ने कहा, प्रवक्ताओं को इस बारे में सावधान रहना चाहिए कि वे सार्वजनिक रूप से क्या कहते हैं। प्रवक्ता को सभी विवरणों को जनता के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें अदालत में पेश करना चाहिए। जो शब्द एक बार बाहर आ जाते हैं, उन्हें वापस नहीं लिया जा सकता है। यह याद रखना चाहिए कि जब पुलिस मीडिया से बात करती है, तो वे जनता से बात कर रहे होते हैं।

सिंह ने कहा कि उन्होंने जांच की समीक्षा के लिए गोलपाड़ा का दौरा किया और पुलिस को 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, मृतक महिला एक प्रमुख व्यक्ति थी और राजनीति और छोटी वित्त योजनाओं में शामिल थी, इसलिए मैंने पुलिस से सभी कोणों से जांच करने के लिए कहा है कि क्या उसकी मौत में और लोग शामिल थे।

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