विंग कमांडर को स्कैट टीम ने दी श्रद्धांजलि
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चार दिन पहले भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एयरोबैटिक्स टीम (स्कैट) के विंग कमांडर साहिल गांधी की मौत हो गई थी। यह घटना तब घटी जब आसमान में दो विमान आपस में टकरा गए। दो पायलट इस हादसे में सुरक्षित बच गए जबकि गांधी की मौत हो गई थी। शनिवार को उन्हें स्कैट ने एयरो शो के दौरान अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी।
गांधी को सम्मान देते हुए स्कैट टीम ने अपूर्ण डायमंड फॉर्मेशन में उड़ान भरी। एयरो शो में उनकी जगह को श्रद्धांजलि के तौर पर खाली छोड़ा गया। जिस समय यह दुर्घटना हुई उस वक्त वायुसेना के विमान एयरो शो से पहले रिहर्सल कर रहे थे। तभी अचानक से आसमान में दो विमान टकरा गए जिसमें विंग कमांडर की मौत हो गई। वह स्कैट टीम के सदस्य थे।
क्या होती है स्कैट टीम
सूर्य किरण भारतीय वायुसेना की एक एयरोबैटिक्स प्रदर्शन टीम है। साल 1996 में सूर्य किरण एयरोबैटिक्स टीम (स्कैट) की स्थापना हुई थी और यह वायुसेना की 52वें स्कवाड्रन का हिस्सा है। यह टीम कई बार 9 विमानों वाले फॉर्मेशन का प्रदर्शन कर चुकी है। स्क्वाड्रन 2011 तक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) एचजेटी-16 किरण एकमे 2 सैन्य ट्रेनर विमान से बनाया गया था और यह कर्नाटक के बिदार वायुसेना स्टेशन पर आधारित था।
स्कैट को फरवरी 2011 में निलंबित कर दिया गया था और इसे 2017 में हॉक एमके 132 विमान के साथ दोबारा स्थापित किया गया। किरण एमके 2 की तैनाती बंदूक, 250 किलो बम और 68 मिमी रॉकेटों से लैस आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए भी की जा सकता है। एमके 2 कलर डाई ले जाने के लिए मॉडिफाई किया गया है। विमान में डीजल का इस्तेमाल सफेद धुएं के लिए और डीजल के साथ रंग मिलाकर उसका इस्तेमाल रंगीन धुएं के लिए किया जाता है।