कोरोना की इस लड़ाई में भारत की मदद कई देश कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में कई देश भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े हैं। इसी कड़ी में एयरफोर्स का IAF C-17 दुबई से छह क्रायोजेनिक (तरल रूप में) ऑक्सीजन कंटेनरों को भारत लेकर आया। जो सोमवार शाम पानागढ़ एयरबेस पर उतरे। इसके बाद ऑक्सीजन कंटेनरों को जयपुर से जामनगर एयरबेस तक भेजा गया।
सिंगापुर से आए चार क्रायोजेनिक टैंक, दूर करेंगे देश में ऑक्सीजन की किल्लत
देश में कोविड-19 की गंभीर स्थिति के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर सिंगापुर से विमान से शनिवार शाम करीब 4.30 बजे आ गए हैं।
भारत की मदद को कई देशों ने बढ़ाए हाथ
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, ब्रिटेन, कनाडा, सऊदी से रवाना हुए ऑक्सीजन व मेडिकल उपकरण
कोरोना से निपटने के लिए कई देशों को भारत द्वारा दी गई मदद के बाद अब भारत में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन और सऊदी अरब ने भी भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिका ने न सिर्फ टीका निर्माण के लिए भारत को कच्चा माल देने की बाद कही बल्कि न्यूयॉर्क से 5 टन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत के लिए रवाना भी कर दिए गए हैं।
श्रीलंका में मौजूद चीनी दूतावास ने कहा है कि चीन इस वक्त भारत के साथ है। दूतावास ने कहा चीन ने हांगकांग से 800 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत के लिए रवाना किए हैं और अगले सात दिनों में दस हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत भेजेगा। ब्रिटेन भी 300 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और 600 मेडिकल डिवाइस भारत भेज रहा है। यूएई ने भारत के लिए उच्च क्षमता वाले क्रायोजनिक ऑक्सीजन टैंकर भेजे हैं।
बाइडन, हैरिस ने कहा- भारत ने हमारी मदद की थी अब हम उसे सहयोग देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भारत को कोरोना संकट से निपटने में मदद देने के लिए जरूरी मेडिकल जीवनरक्षक आपूर्तियां और उपकरण समेत हर तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
बाइडन ने कहा, जिस तरह भारत ने संकट के वक्त अमेरिका को मदद भेजी थी उसी तरह हम जरूरत के इस समय में भारत की मदद के लिए दृढ़ हैं। वह डेलावेयर में भारत के घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं कमला हैरिस ने ट्वीट किया कि हम भारत सरकार के साथ अतिरिक्त मदद व आपूर्ति के लिए करीब से काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षामंत्री ऑस्टिन लॉयड ने भारत को जरूरी मदद के निर्देश पेंटागन को दिए हैं। उन्होंने कहा, संकट की इस घड़ी में भारत के साथ हैं और फिलहाल उन उपकरणों का आकलन कर रहे हैं जिनसे भारत की मदद हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया भेजेगा ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और पीपीई
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को तत्काल सहायता के बतौर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और पीपीई किट भेजने के लिए कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा, संघीय सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि मदद के लिए वह और क्या भेज सकती है।
उन्होंने कहा, भारत वास्तव में ऑक्सीजन की समस्या से जूझ रहा है। हम राष्ट्रीय चिकित्सा भंडार से मदद कर सकते हैं, साथ ही इस मामले में हम राज्यों से बात कर रहे हैं। हंट ने कहा, हमें फिलहाल कुछ चीजों की बहुत ज्यादा जरूरत नहीं है इसलिए हम उनका स्टॉक रखेंगे लेकिन हो सकेगा तो भारत को सहायता के तौर पर दान करेंगे।
यूएई ने जताई प्रतिबद्धता
यूएई ने उच्च क्षमता ऑक्सीजन टैंकर भारत की मदद के लिए रवाना किए हैं। यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद ने कहा, हम भारत की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने भारत की ताजा स्थिति की जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर से ली। शेख अब्दुल्ला ने कहा, यूएई 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन भी भारत भेजने वाला है। पहली खेप सऊदी के दम्मम से गुजरात के मुंद्रा के लिए निकल चुकी है।