फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश के छह करोड़ गरीब परिवारों तक पहुंचा उज्ज्वला योजना का लाभ

Wed, 02 Jan 2019 05:17 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू आज देंगे छह करोड़वें लाभार्थी को निशुल्क गैस कनेक्शन
  • 90 फीसदी तक पहुंची रसोई गैस में खाना बनाने वाले परिवारों की संख्या
  • 62 फीसदी परिवार ही करते थे रसोई गैस का इस्तेमाल 2016 में
विज्ञापन
उज्ज्वला योजना - फोटो : Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (Official Website)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गरीब परिवारों को निशुल्क रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का दायरा बढ़ाने के एक महीने के भीतर ही इसके लाभार्थियों की संख्या छह करोड़ तक पहुंच गई है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बुधवार को इस योजना के तहत छह करोड़वां कनेक्शन लाभार्थी को सौंपेंगे। उल्लेखनीय है कि एक महीने पहले ही इसका दायरा बढ़ा कर समाज के सभी वर्ग के गरीब लोगों को इस योजना में शामिल किया गया था।

विज्ञापन


पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह तो उज्ज्वला योजना का ही असर है कि देश में इस समय रसोई गैस में खाना बनाने वाले परिवारों की संख्या 90 फीसदी तक पहुंच गई है। 2016 में देश के महज 62 फीसदी परिवारों की ही पहुंच रसोई गैस सिलेंडरों तक थी। उल्लेखनीय है कि गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले परिवारों को खाना बनाने का स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए उज्ज्वला योजना की शुरूआत मई, 2016 में उत्तर प्रदेश के बलिया से की गई थी। 

इस योजना के तहत चयनित परिवार की किसी महिला के नाम पर निशुल्क गैस कनेक्शन दिया जाता है। इसमें सरकार की तरफ से हर कनेक्शन पर 1,600 रुपये की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। शुरू में इस योजना के तहत पांच करोड़ लाभार्थियों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

योजना का लक्ष्य आठ करोड़ पहुंचा

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि उनका लक्ष्य तो देश के सभी घरों में खाना बनाने का साफ और सुरक्षित ईंधन पहुंचाना है, लेकिन अभी इसमें थोड़ी देर लग रही है। उनका कहना है कि ऐसे परिवारों तक ही रसोई गैस कनेक्शन पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लक्ष्य पांच करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ कर दिया गया है।

दुनिया भर में हो रही तारीफ 

इस योजना की दुनिया भर में तारीफ हो रही है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बार्कले के ग्लोबल इन्वायरमेंट हेल्थ विभाग में प्रोफेसर डॉ. किर्क आर स्मिथ ने कहा है कि गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले परिवारों को केंद्र सरकार की तरफ से निशुल्क रसोई गैस (एलपीजी) गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री उज्जवला योजना उनके स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर को ऊपर उठाने में ऐतिहासिक साबित होगा। उनके मुताबिक जिन परिवारों को लक्ष्य कर यह योजना शुरू की गई है, वह परिवार आज भी गोबर के उपले और लकड़ी जलाकर खाना बनाते हैं। 

एलपीजी इस्तेमाल से बचेगी जान

डॉ. स्मिथ के अनुसार आज भी पारंपरिक चूल्हे में उपले और लकड़ी का उपयोग कर खाना बनाने वाले परिवारों की संख्या करीब 70 करोड़ है। अध्ययन बताता है कि भारत में खाना पकाने के दौरान धुआं लगने की वजह से साल में 9 लाख से भी अधिक महिलाएं असमय ही काल कलवित हो जाती हैं। इन घरों में यदि एलपीजी जैसे सुरक्षित ईंधन से खाना बनाया जाता तो इन मौतों को टाला जा सकता है। जहां तक लकड़ी-उपले पर भोजन बनाने से होने वाली बीमारियों का संबंध है, इससे कई तरह की बीमारी होती हैं, जिनसे जान जाने का भी खतरा होता है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें