देश में 5-19 साल के 6.54 करोड़ बच्चों ने कभी किसी स्कूल का मुंह तक नहीं देखा है। वहीं 4.49 करोड़ बच्चे ऐसे हैं जो पिछले दशक में बीच में स्कूल की पढ़ाई छोड़ चुके हैं। 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक पांच से उन्नीस वर्ष के 38.01 करोड़ बच्चों में से 26.98 (71 फीसदी) शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।
सर्वे के अनुसार 6.54 करोड़ बच्चे (17.2 फीसदी) कभी स्कूल नहीं गए। वहीं 4.49 करोड़ बच्चे (11.8 फीसदी) ऐसे हैं जो स्कूल तो गए लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। जनगणना के मुताबिक 5 से 19 साल के लोगों में 65.7 लाख निशक्त हैं। 17.5 लाख (करीब 26.7 फीसदी) निशक्त लोग कभी किसी स्कूल नहीं गए। आठ लाख ऐसे बच्चों ने बीच में अपनी पढ़ाई छोड़ दी।
निशक्त बच्चों के स्कूल नहीं जाने का अनुपात बहुआयामी निशक्तता वाले बच्चों के मुकाबले काफी ज्यादा (54.4 फीसदी) है। जबकि मानसिक रूप से निशक्त करीब 50.3 फीसदी बच्चे कभी स्कूल नहीं गए। वहीं कई प्रकार से निशक्त बच्चों के स्कूल जाने का प्रतिशत सबसे ज्यादा 71.2 रहा।