अगले साल फरवरी में लगभग सोलह साल बाद दार्जिलिंग की पहाड़ियों में पंचायत व नगरपालिका चुनाव कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। इसकी जानकारी यहां सरकारी सूत्रों ने दी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सब क ुछ ठीक-ठाक रहा तो 14 से 28 फरवरी के बीच पर्वतीय इलाके में स्थित चार नगर पालिकाओं दार्जिलिंग, मिरिक, कालिम्पोंग और कर्सियांग के अलावा पंचायत चुनावों के लिए मतदान होने की संभावना है। सरकार ने राज्य चुनाव आयोग को पहाड़ी इलाकों में ग्राम पंचायतों व पंचायत समितियों के चुनाव कराने के लिए एक पत्र भेजा है।
ध्यान रहे कि गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) प्रमुख सुभाष घीसिंग का कार्यकाल के दौरान ही इन इलाकों में द्विस्तरीय पंचायत व्यवस्था शुरू हुई थी। लेकिन अब गोरखा जनमुक्ति मोर्चा समेत विभिन्न राजनीतिक संगठन राज्य के दूसरे इलाकों की तरह पर्वतीय क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था चालू करने की मांग कर रहे हैं। उनकी दलील है कि जीटीए करार में त्रिस्तरीय पंचायत शुरू करने की बात कही गई है। लेकिन इसके लिए पंचायत संबंधी कानून में संशोधन करना होगा। उसमें लंबा समय लग सकता है। इसलिए सरकार फिलहाल पहले से मौजूद पंचायतों का चुनाव कराना चाहती है ताकि आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
इससे पहले बीते अगस्त में कलकत्ता हाईकोर्ट की प्रमुख न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर ने इस मुद्दे पर सरकार की राय जाननी चाही थी। सरकार ने तब अपने हलफनामे में कहा था कि अगले साल अप्रैल तक पर्वतीय इलाके में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उस पर अदालत ने अप्रैल तक इलाके में चुनाव कराने का निर्देश दिया था। उसके बाद ही सरकार इस मामले में सक्रिय हुई है। चुनाव आयोग अगले साल पांच जनवरी को राज्य की मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। उसी आधार पर पहाड़ियों में चुनाव कराए जाएंगे।