CPIM On UCC: शनिवार को वाम दल द्वारा यूसीसी पर आयोजित एक संगोष्ठी में सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी ने दावा किया कि यूसीसी का इस्तेमाल भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को तेज करने के लिए कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एकरूपता का मतलब समानता नहीं है।
देश में इन दिनों समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चर्चा जारी है। इस बीच, विधि आयोग ने यूसीसी पर उसकी ओर से मांगे गए सुझाव की समय-सीमा को 14 जुलाई से बढ़ाकर 28 जुलाई कर दी है। वहीं कानून के लागू होने से पहले कई राजनीतिक दलों इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि यूसीसी राजनीतिक हथियार है और भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए इसका इस्तेमाल कर रही।
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एकरूपता का मतलब समानता नहीं
शनिवार को वाम दल द्वारा यूसीसी पर आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में सीपीआईएम नेता ने दावा किया कि यूसीसी का इस्तेमाल सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को तेज करने के लिए कर रही है। कोझिकोड में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एकरूपता का मतलब समानता नहीं है।
भेदभावपूर्ण कानूनों को परामर्श से ठीक किया जाना चाहिए
येचुरी ने कहा कि भेदभावपूर्ण कानूनों को पूरे समुदाय के परामर्श से ठीक किया जाना चाहिए, न कि ऊपर से यूसीसी थोपकर। माकपा नेता ने कहा कि 21वें विधि आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यूसीसी इस स्तर पर न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।
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उन्होंने कहा कि माकपा समानता के लिए खड़ी है और यह संविधान द्वारा दी गई वह समानता है जिसके लिए हमें लड़ने की जरूरत है। येचुरी ने कहा कि एकरूपता थोपने का कोई भी प्रयास हमारे सामाजिक ताने-बाने को तोड़ देगा।
संगोष्ठी सरोवरम बायोपार्क के पास कालीकट ट्रेड सेंटर में आयोजित की गई। कार्यक्रम में केरल जमीयत उलमा सहित मुस्लिम समुदाय के विभिन्न संगठन और ईसाई समुदायों के कई संगठन शामिल हुए।