माकपा, कांग्रेस से जुड़े हुए किसी भी चुनावी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा। हालांकि वह जदयू के बागी नेता शरद यादव के ‘साझी विरासत बचाव’ अभियान से जुड़ा रहेगा, जिसमें कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी दल भी जुड़े हुए हैं। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मंगलवार को यह घोषणा की।
येचुरी ने कहा, ‘हम साझी विरासत बचाव अभियान से संबंधित सभी बैठकों में हिस्सा जरूर लेंगे लेकिन कांग्रेस के साथ भविष्य में महागठबंधन से संबंधित किसी भी रैली का हिस्सा नहीं बनेंगे।’ उन्होंने कहा कि साझी विरासत बचाव अभियान और महागठबंधन दो अलग-अलग चीजे हैं।
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माकपा अपने रुख पर कायम है और इस मामले को भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पटना में आयोजित ‘भाजपा बचाओ, देश बचाओ’ रैली में वाम दल के शामिल नहीं होने के दो दिन बाद येचुरी ने यह बयान दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि माकपा ने जहां लालू की रैली को अनदेखा किया वहीं शरद यादव के अभियान में शामिल होने की घोषणा क्यों की है।