माकपा महासचिव ने कहा कि प्रणब मुखर्जी विरोधियों को एकजुट करने की कला जानते थे। आधुनिक भारत के निर्माण में प्रणब मुखर्जी के जीवन और कार्यों की अमिट छाप है।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को कहा कि देश को बेहतर करने के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब भी कांग्रेस ने वामपंथियों की सलाह को गंभीरता से लिया तो इससे पार्टी और भारत को फायदा हुआ।
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इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में प्रणब मुखर्जी लिगेसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'रिमेम्बरिंग प्रणब' शीर्षक पर एक कार्यक्रम में सीताराम येचुरी ने अपनी बात रखी। उन्होंने पहली यूपीए सरकार के दौरान कांग्रेस और वाम दलों को एक साथ जोड़ने में प्रणब मुखर्जी की भूमिका को याद किया।
माकपा महासचिव ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी विरोधाभासों को प्रबंधित करने और विरोधियों को एकजुट करने की कला जानते थे। आगे कहा कि आज, जब आप संसद और लोकतंत्र को देखते हैं, तो आप और अधिक चाहते हैं कि वह हमें सलाह देने और मार्गदर्शन करने के लिए हमारे साथ रहे।
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साथ ही कहा कि देश में बेहतर समय के लिए, धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक साथ काम करना होगा। साथ मिलकर काम करना मैंने सीखा है। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में प्रणब मुखर्जी के जीवन और कार्यों की अमिट छाप है।