मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार विपक्ष मुक्त भारत चाहती है, जबकि हमारे किसान कर्ज मुक्त भारत चाहते हैं। 2016 में नासिक में इसी मुद्दे पर एक लाख किसानों ने आंदोलन किया था।
येचुरी ने यह भी कहा कि सरकार के पास केवल 6 महीने का समय है, अगर वह किसानों की मांगों को नहीं सुनते हैं तो यह मसला केवल किसानों तक ही सीमित नहीं रहेगा। यह बहुत बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा। आपको बता दें कि सीताराम येचुरी ने कहा था कि हमारे देश में अन्नदाता किसान का ख्याल नहीं रखा जाता। अगर उद्योगपतियों का तीन साल में 2 लाख 46 हजार करोड़ रुपये माफ किया जा सकता है तो देश के किसानों का एक लाख करोड़ रुपये कर्ज क्यों नहीं माफ हो सकता।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने आजाद मैदान में किसान आंदोलन को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि जब तक फसल उत्पाद का डेढ़ गुना दाम तय करने के लिए कानून नहीं बनाया जाता तब तक हम लड़ते रहेंगे।
येचुरी ने कहा था कि वित्तमंत्री अरुण जेटली कहते हैं कि पूरे देश में किसान कर्जमाफी के लिए एक लाख करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। सरकार इतना कर्ज माफ नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले तीन साल में बड़े उद्योगपतियों का 2.46 लाख करोड़ का कर्ज माफ किया। लेकिन, सरकार के पास देश भर के किसानों के लिए एक लाख करोड़ रुपये नहीं हैं। पीएम मोदी चौकीदारी के नाम पर रोज नए-नए सपने दिखा रहे हैं। वो अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं तो मालिक जनता उन्हें नौकरी से हटाएगी। उन्होंने कहा कि किसान जिंदा नहीं रहेगा तो हम सब जिंदा नहीं रह सकते।