अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक इक्कीस वर्षीय युवती के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। महिला ने पूर्व मुख्य सचिव और श्रम आयुक्त पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है।
पुलिस ने अक्तूबर की शुरुआत में युवती की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। महिला का आरोप लगाया है कि 1990 बैच के आईएएस अधिकारी नारायण और श्रम आयुक्त आर.एल. ऋषि ने दो मौकों पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी गठित
एबरडीन पुलिस थाने में यह मामला दर्ज किया गया है। नारायण के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व विशेष जांच दल का गठन किया गया है। नारायण अभी दिल्ली वित्तीय निग के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में तैनात हैं।
आरोपी नारायण ने कहा- मामला विचाराधीन, टिप्पणी नहीं कर सकता
संपर्क करने पार नारायण ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, क्योंकि यह मामला विचाराधीन है। महिला ने 21 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उसने दो बार अप्रैल और मई में अपने ऊपर हुए कथित यौन हमले का विस्तृत विवरण दिया था। महिला ने सबूत के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव के आवास के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने अधिकारी के आवास पर मौजूद कर्मचारियों के 'टेस्ट आइडेंटिफिकेशन पेरेड' का भी अनुरोध किया है।
सीआरपीसी की धारा 164 के तहत युवती का बयान दर्ज
युवती ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने आरोपों की जानकारी देते हुए बयान दर्ज कराया है। सीआरपीसी के इस खंड के तहत बयान देने वाला कोई भी व्यक्ति अगर झूठा साबित होता है तो उसे झूठी गवाही के आरोपों का सामना करना पड़ता है।
नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप
युवती ने दावा किया कि वह नौकरी की तलाश में थी और उसे एक होटल मालिक के जरिए ऋषि से मिलवाया गया जो कथित तौर पर उसे नारायण के घर ले गया। युवती के मुताबिक, नारायण के आवास पर उसे शराब की पेशकश की गई, जिसे उसने इनकार कर दिया। महिला ने दावा किया कि उन्होंने एक सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में दोनों पुरुषों द्वारा यौन शोषण किया गया।
युवती को धमकी- किसी को बताया तो होंगे गंभीर परिणाम
दो हफ्ते बाद युवती ने आरोप लगाया तो उसे फिर से मुख्य सचिव के आवास पर बुलाया गया और उसके साथ दोबारा दुष्कर्म किया गया। युवती के मुताबिक, सरकारी नौकरी देने के बजाय उसे धमकी दी गई कि अगर उसने इस मामले को किसी को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
पत्रकार के खिलाफ भी शिकायत दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि युवती ने एक स्थानीय पत्रकार के खिलाफ भी पुलिस में एक अलग शिकायत दर्ज कराई, जिसने कथित तौर पर उसकी पहचान को सार्वजनिक किया था। नारायण के करीबी सूत्रों के मुताबिक, वह मार्च 2021 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिव बने थे।