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Karnataka: धर्मस्थल में शवों को सामूहिक रूप से दफनाने के मामले की एसआईटी जांच शुरू, डीआईजी कर रहे निगरानी

Sat, 26 Jul 2025 06:17 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

Karnataka: कर्नाटक के धर्मस्थल में कथित सामूहिक शव दफन मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शनिवार को जांच शुरू कर दी। पुलिस उपमहानिरीक्षक एम.एन. अनुचेत की निगरानी में टीम ने संबंधित स्थानों का दौरा किया और ब्रीफिंग शुरू की। यह मामला एक गुमनाम व्यक्ति की शिकायत पर आधारित है। राज्य सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल बनाया है।
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धर्मस्थल मामले को लेकर प्रदर्शन करते एसडीपीआई कार्यकर्ता - फोटो : पीटीआई
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कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थल में कथित तौर पर शवों के सामूहिक दफन के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शनिवार को अपनी जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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वरिष्ठ अधिकारी मल्लिकट्टे स्थित खुफिया ब्यूरो परिसर में बनाए गए एसआईटी कार्यालय पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने मामले से जुड़े कुछ स्थानों का दौरा भी किया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की निगरानी कर रहे पुलिस उप महानिरीक्षक एम.एन. अनुचेथ मंगलौर पहुंच गए हैं। वह एलआईची से जुड़े 20 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

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इस मामले में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र दयामा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों के पुलिस अधिकारी इस जांच दल में शामिल किए गए हैं। इनमें धर्मस्थल, मुल्की और बेंदूर थानों के निरीक्षक और उप-निरीक्षक शामिल हैं। एसआईटी अंदरूनी ब्रीफिंग शुरू करने वाली है और संभवतः उस गुमनाम शिकायतकर्ता से पूछताछ भी करेगी, जिसने सबसे पहले शव दफनाने के आरोप लगाए थे। पूछताछ मल्लिकट्टे स्थित एसआईटी कार्यालय में ही की जाएगी और डीआईजी अनुचेत इसकी निगरानी करेंगे।

पूछताछ और जांच की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच प्रक्रिया को कानूनी और प्रक्रियात्मक दोनों दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी पूरी तरह तैयार है।
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यह मामला धर्मस्थल के पास शवों के कथित सामूहिक दफन की उस शिकायत से जुड़ा है, जो एक गुमनाम व्यक्ति ने दर्ज कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने इस महीने की शुरुआत में एसआईटी का गठन किया था।

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