मुंबई पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दुष्कर्म के आरोपी और स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि अशोक खरात के खिलाफ पांच दिनों में अब तक 50 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। उन्होंने बताया कि टीम को फोन पर रोजाना 15 से 20 शिकायती कॉल आ रहे हैं और इनका सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस ने अब तक अशोक खरात के खिलाफ आठ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की हैं। इन शिकायतों में यौन उत्पीड़न, उगाही और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप शामिल हैं। नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर के ट्रस्ट के प्रमुख अशोक खरात के यहां कई राजनीतिक नेताओं ने दौरा किया है।
35 वर्षीय एक महिला ने उस पर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उसे 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। खरात की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ दुष्कर्म की कई शिकायतें दर्ज की गईं।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने मामले में अन्य पीड़ितों की शिकायतों और जानकारी इकट्ठा करने के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किए हैं। एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वालों या अपराध की रिपोर्ट करने वालों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
खरात के ऑफिस से मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज
एसआईटी ने शुक्रवार को फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर नासिक में खरात के कार्यालय का दौरा किया। पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने कार्यालय से कई दस्तावेज, फाइलें, एक डायरी और अन्य कागजात बरामद किए।
हथियार लाइसेंस निलंबित
इस बीच नासिक जिला प्रशासन ने पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी खरात के हथियार लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। प्रशासन का मानना है कि उसके खिलाफ कई मामले दर्ज होने के कारण वह पीड़ितों को धमकाने या डराने के लिए हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।
नासिक कलेक्टर आयुष प्रसाद ने मंगलवार को खरात के हथियार लाइसेंस को निलंबित करने का आदेश जारी किया। खरात, जो सिन्नर के मिरगांव का निवासी है, ने 15 अक्टूबर 2012 को एक रिवॉल्वर का लाइसेंस प्राप्त किया था, जिसे 1 जनवरी 2024 को नवीनीकृत किया गया था और यह दिसंबर 2028 तक वैध है।
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