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Abhaya Case: 28 साल बाद मिला सिस्टर अभया को इंसाफ, पादरी व नन को आजीवन कारावास

Wed, 23 Dec 2020 03:26 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
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अभया केस (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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केरल में तिरुवनंतपुरम की एक सीबीआई अदालत ने 1992 में हुई 19 वर्षीय सिस्टर अभया की हत्या के मामले में आरोपी कैथोलिक पादरी थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मंगलवार को सिस्टर अभया की हत्या के सिलसिले में कैथोलिक पादरी और नन को दोषी पाया था। 

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बता दें कि सिस्टर अभया का शव 1992 में कोट्टायम के एक कॉन्वेंट के कुएं में मिला था। अदालत ने कहा कि फादर थॉमस कोट्टूर और सिस्टर सेफी के खिलाफ हत्या के आरोप साबित होते हैं। दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में अन्य आरोपी फादर फूथराकयाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।

युवा नन के सेंट पियूस कॉन्वेंट के कुएं से मृत मिलने के 28 साल बाद अदालत का फैसला आया है। वह कॉन्वेंट में रहती थी। अभया के माता-पिता की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के इंतजार में ही गुजर गए। सीबीआई जांच से पहले स्थानीय पुलिस और फिर अपराध शाखा ने मामले की जांच की और कहा था कि यह खुदकुशी का मामला है।
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सीबीआई ने 2008 में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इस मामले में सुनवाई पिछले साल 26 अगस्त को शुरू हुई थी, इस दौरान कई गवाह मुकर गए। अभियोजन के मुताबिक, अभया पर कुल्हाड़ी के हत्थे से हमला किया गया था, क्योंकि वह कुछ अनैतिक गतिविधियों की गवाह थी, जिसमें तीनों आरोपी शामिल थे।

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