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अहमदाबाद धमाकेः सिमी सरगना सफदर समेत 11 आतंकियों को उम्रकैद

Mon, 27 Feb 2017 02:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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safdar nagori - फोटो : indian express
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इंदौर की विशेष अदालत ने सिमी सरगना रहे सफदर नागौरी समेत 11 आतंकवादियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं समेत देशद्रोह के मामले में लंबे समय से मुकदमा चल रहा था, जिस पर अदालत ने सोमवार दोपहर निर्णय सुनाया। सभी 11 आरोपी अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद थे जिनके खिलाफ इंदौर की अदालत में सुनवाई चल रही थी। 
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बता दें कि 26 मार्च 2008 को पुलिस ने अहमदाबाद के श्यामनगर में गफूर खां बेकरी वाले के मकान से सिमी के कई सक्रिय आतंकियों को पकड़ा ‌था। इस मकान में कुल 11 आतंकी पुलिस के हत्‍थे चढ़े थे। इनके साथ सरगना सफदर नागौरी भी था। सभी के पास खतरनाक हथियार और गोला बारूद था। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को देशविरोधी सामग्री और अन्य सामान मिला था। 

पुलिस ने सभी के खिलाफ देशद्रोह सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिनमें डॉ. अहमद बेग, यासीन, आमिल, कमरूद्दीन, सादुली, कामरान, अंसार आदि शामिल थे। इनमें से आरोपी जमानत पर रिहा हो चुका था जबकि बाकी साबरमती जेल में बंद थे।
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#FLASH SIMI mastermind Safdar Nagori & 11 accused, awarded lifetime imprisonment by Indore District Court pic.twitter.com/8kZqmwt5WP — ANI (@ANI_news) February 27, 2017
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यह था मामला

- फोटो : indian express
बता दें कि सिमी सरगना सफदर नागौरी साल 2001 में संगठन पर प्रतिबंध लगते ही भूमिगत हो गया था, पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उज्जैन के नागौरी गांव का रहने वाले सफदर नागौरी को पुलिस ने 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2008 में उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दावा किया था बम विस्फोटों की साजिश जनवरी 2008 में वडोदरा के हलोल में हुए सफदर के प्रशिक्षण शिविर में रची गई थी।

पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री लेने वाले नागौरी पर सामाजिक वैमनस्य फैलाने का आरोप भी था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद जो सुबूत कोर्ट में पेश किया उनमें कुछ सीडी भी थीं जिनमें देशविरोधी गतिविधियों को उकसाने जैसे दृश्य थे।

एक सीडी में दिखाया गया था कि चार नकाबपोश आतंकियों ने एक पत्रकार की गर्दन बड़े चाकू से रेत कर धड़ से अलग कर दी। पुलिस को गिरफ्तारी के दौरान सफदर और उसके साथियों के पास से आतंक का प्रचार प्रसार करने वाली सीडी, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और खतरनाक हथियार मिले थे। हालांकि वह हमेशा खुद के आतंकवादी होने की बात से इंकार करता रहा था।
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