1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी सज्जन कुमार ने उच्चतम न्यायालय में तत्काल सुनवाई के लिए जमानत याचिका दाखिल की है। उनकी याचिका पर अदालत का कहना है कि वह इसे स्वीकार करने पर विचार करेगी। वर्तमान में सज्जन कुमार इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली एक पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफाड़े के उस कथन का संज्ञान लिया जिसमें उन्होंने कहा गया था कि कुमार की जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए।
कुमार के वकील ने जमानत की अर्जी सुनवाई के लिए शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा 'हम इस पर गौर करेंगे।' सज्जन कुमार ने सिख विरोधी दंगों से संबंधित मामले में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाने के उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दे रखी है।
कांग्रेस के पूर्व नेता ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि उनकी अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें जमानत दी जाए। उच्च न्यायालय से दोषी ठहराए जाने के बाद कुमार (73) ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। वह फिलहाल जेल में हैं।
कुमार को 1984 में एक-दो नवंबर को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के राज नगर एक में सिख समुदाय के पांच लोगों की हत्या और राजनगर दो में एक गुरुद्वारे को जलाए जाने के मामले में दोषी ठहराया गया था।