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Sidhu Moose Wala Murder: पंजाब के गैंगस्टर्स पर पाकिस्तान का हाथ! संदेश आता है वाया कनाडा

सार

खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिर्फ उनके पास जो इनपुट है उसके मुताबिक, पाकिस्तान की आईएसआई पंजाब के स्थानीय क्रिमिनल और गैंगस्टर्स को अब सपोर्ट कर रही है। इसके लिए पाकिस्तान ने सीधे कनाड, ऑस्ट्रेलिया, यूके और दक्षिण अफ्रीका के कुछ देशों में पंजाब विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को अपने खेमे में जोड़ना शुरू किया है...
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सिद्धू मूसेवाला की थार कार में हमले के निशान - फोटो : अमर उजाला
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बीते दिनों पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस मुख्यालय पर हुए हमले और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हुई हत्या में खुफिया एजेंसियां कुछ चीजों कॉमन देख रही हैं। दरअसल बीते कुछ दिनों में पंजाब में हो रही गैंगस्टर की वारदातों और खून खराबे के बीच पाकिस्तान का नाम सामने आ रहा है। खुफिया एजेंसियों से लेकर स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस इस बात से इंकार नहीं कर रही हैं कि पाकिस्तान की तरफ से नशा हथियार और स्थानीय क्रिमिनल का इस्तेमाल अब माहौल खराब करने के लिए किया जा रहा है। पंजाब के गैंगस्टर और स्थानीय क्रिमिनल्स को बाकायदा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके और साउथ अफ्रीका के देशों से निर्देश भिजवाए जा रहे हैं।

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पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग मुख्यालय पर हुए हमले कि शुरुआती जांच करने वाली खुफिया एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सिद्धू मूसेवाला और पंजाब में हो रहे अलग अलग तरह के हमलों को अलग नजरिए से नहीं देखा जा सकता। उनका कहना है कि कुल मिलाकर माहौल दहशत फैलाने का ही है। वह चाहे इंटेलिजेंस ऑफिस के मुख्यालय पर हमला करना हो या पंजाब के अलग-अलग शहरों में गैंगस्टर की वारदातों को बढ़ाकर हत्याएं करवाने का। पंजाब पुलिस से जुड़े एक रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि पंजाब में गैंगस्टर तो पहले से ही सक्रिय रहे हैं। अलग-अलग इलाकों में यह अपना आधिपत्य जमाने के लिए वारदात करते रहते हैं। पुलिस इन को बकायदा पकड़कर नकेल भी कसती है। कई बड़े गैंगस्टर इस वक्त जेल में उसी पुलिस की सक्रियता की वजह से अंदर हैं।

आईएसआई ने बदली रणनीति

खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिर्फ उनके पास जो इनपुट है उसके मुताबिक, पाकिस्तान की आईएसआई पंजाब के स्थानीय क्रिमिनल और गैंगस्टर्स को अब सपोर्ट कर रही है। इसके लिए पाकिस्तान ने सीधे कनाड, ऑस्ट्रेलिया, यूके और दक्षिण अफ्रीका के कुछ देशों में पंजाब विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को अपने खेमे में जोड़ना शुरू किया है। सूत्रों का कहना है कि दुनिया के दूसरे मुल्कों में बैठे इन देश विरोधी लोगों को आईएसआई न सिर्फ वित्तीय मदद पहुंचा रही है, बल्कि देश में सीमा पार से नशा और हथियार को भेजकर जंग को बड़ा करने में मदद भी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक देश में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान ने इस बार अपनी रणनीति में बदलाव किया है। नई योजना के मुताबिक पाकिस्तान ने अब छोटे-छोटे गैंग पर अपना दांव लगाना शुरू किया है।

सिद्धू मुसेवाला की हत्या में जिस तरीके लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार का नाम सामने आया है, उससे इस बात के और पुख्ता प्रमाण हुए हैं कि गोल्डी बरार फिलहाल अपने कुछ आकाओं के मार्फत पाकिस्तान के भी संपर्क में आ चुका है। पंजाब के स्थानीय क्रिमिनल और गैंगस्टर्स पर नजर रखने वाले पंजाब के एक वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारी बताते हैं कि बीते कुछ समय से सक्रिय हुए गैंगस्टर्स को बहुत हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। इनके पूरे नेटवर्क को एक्सप्लोर जरूर किया जाना चाहिए। खुफिया सूत्रों के मुताबिक जिस तरीके से पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री पर गैंगस्टर गैंगों का साया पड़ रहा है वह न सिर्फ इस इंडस्ट्री के लिए खतरनाक है बल्कि पंजाब की आवाम के लिए भी समस्या पैदा करने वाला है।

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खून के बदले खून

हालांकि इस पूरी घटना के पीछे पंजाब पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पंजाब में दो बड़े गैंगस्टर अब खून के बदले खून के पैटर्न पर आगे बढ़ रहे हैं। कुछ साल पहले गोल्डी बरार के भाई गुरलाल बरार को चंडीगढ इंडस्ट्रियल एरिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका बदला लेने के लिए लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने दो हत्याएं कर बदला ले लिया। कुछ समय पहले ही मोहाली के सेक्टर-71 में मिट्ठूखेड़ा की हत्या कर दी गई। अब पंजाब के बड़े मशहूर सिंगर मुसेवाला की हत्या कर दी गई। इससे पहले पंचकूला के शादी समारोह में पंजाब से जुड़े एक गैंगस्टर की हत्या कर दी गई थी। 2018 में पंजाब के मशहूर सिंगर परमिश वर्मा के ऊपर भी जानलेवा हमला हुआ था।

चंडीगढ़ में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप पर उसके छात्र राजनीति के दौर से नजर रखने वाले एक पुलिस अधिकारी बताते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप और गोल्डी बरार का ग्रुप इस बात को लेकर हमेशा से आगे रहना चाहते थे कि धन उगाही के मामले में पंजाब के बड़े लोग खासतौर से म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोग उसकी मदद करते रहें। छात्र राजनीति के दौरान भी लॉरेंस बिश्नोई के ऊपर इस तरीके के कई आरोप भी लगे और मामले भी दर्ज हुए। पैसे के लेनदेन के मामले में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार ग्रुप का बंबीहा ग्रुप से लगातार आमना सामना होता आ रहा है।

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