कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को 2017-18 का बजट पेश किया। मई, 2018 में विधानसभा चुनाव होने के चलते इस बजट में उन तत्वों के शामिल माना जा रहा है जो यूपी और उत्तरखंड में बीजेपी की जीत के लिए कारगर साबित हुए। इस बजट में महिलाएं, दलित और पिछली जातियों का खासा ध्यान रखा गया है।
दरअसल, यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी के जीत के दो अहम कारण बताए जा रहे हैं। पहला प्रधानमंत्री उज्जवल योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन्स का वादा और दूसरा अमित शाह का पिछड़ी व दलितों से जुड़ा होना।
सिद्धारमैया के बजट में भी इस फैक्टर को देखा जा रहा है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने अब तक जितनी बार बजट पेश किया है उसमें महिला, पिछड़ी जाति और दलितों का खासा ध्यान रखा है। लेकिन इस बार उनके आखिरी और 12वें बजट में ये फैक्टर साफ तौर पर दिखा।
दो लाख एससी/एसटी लोगों के LPG कनेक्शस्न का प्रावधान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
इस बजट में सबसे अहम यह रहा कि एससी/एसटी से संबंध रखने वाले दो लाख लोगों के लिए एलपीजी कनेक्शन्स की स्कीम लाई गई है। साथ ही उज्जव स्कीम के तहत दलित और गरीबों के लिए फूड और सीविल सप्लाई डिर्पाटमेंट से संपर्क साधा गया है।
बजट में कोरागा, सोलिगा, ईरावा, थोडा, मेदा और अन्य आदिवासी समुदायों के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं सिद्धारमैया ने हेलावा, गोंडहाली, हेलवा, जोगी, गोला व अन्य आदिवासी समुदायों के विकास के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रवाधान बजट में रखा है। सीएम ने कहा कि इन प्रावधानों को भारत सरकार के समक्ष रखा जाएगा।