सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सोमवार को शिवमोगा जिले के नेहरू मैदान में राष्ट्र को समर्पित एवं शिलान्यास समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे परियोजना के तहत यहां सिगंदूर पुल का उद्घाटन किया। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
कर्नाटक के शिवमोगा जिले में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुए सिगंदूर पुल के लोकार्पण समारोह में कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया शामिल नहीं हुआ। इसे लेकर पूरे राज्य में सियासी बवाल मच गया। बाद में गृह मंत्री जी परमेरश्वर ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि हमने परिवहन मंत्री से कार्यक्रम को स्थगित करने का अनुरोध किया था। लेकिन हमारे अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया।
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सोमवार को शिवमोगा जिले के नेहरू मैदान में राष्ट्र को समर्पित एवं शिलान्यास समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे परियोजना के तहत यहां सिगंदूर पुल का उद्घाटन किया। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर सियासी चर्चा शुरू हो गई।
इसे लेकर गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि केंद्र और सरकार की मदद से शिवमोगा में पुल का निर्माण किया गया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पुल का उद्घाटन करना चाहते थे। सीएम ने उनसे स्थगित करने का अनुरोध किया था क्योंकि वह उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। अगर इसे स्थगित कर दिया गया होता, तो सीएम भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते थे।
सिद्धारमैया ने लिखा था पत्र
इससे पहले सीएम सिद्धारमैया ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर शिवमोगा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के शिलान्यास समारोह की तारीख बदलने का अनुरोध किया था। उन्होंने पत्र में कहा कि समारोह को अंतिम रूप देने से पहले उनसे सलाह नहीं ली गई, जबकि उनका नाम आमंत्रण पत्र में शामिल था।
सिद्धारमैया ने पत्र में कहा कि मुझे इस कार्यक्रम के बारे में पहले से सूचित नहीं किया गया है। उसी दिन विजयपुरा जिले के इंडी तालुका में मेरी अध्यक्षता में विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन कार्यक्रम पहले से ही निर्धारित था। उन्होंने मांग की थी कि केंद्रीय मंत्री अपने विभाग को ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में समन्वय स्थापित करने का निर्देश दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की योजना बनाने से पहले कर्नाटक सरकार से परामर्श करना उचित होता। इस कार्यक्रम को स्थगित कर दें और मुझे अपनी सुविधानुसार कुछ तिथियां प्रदान करें, ताकि मैं इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आपके साथ शामिल हो सकं।