प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। इसके साथ ही गृहमंत्री शाह ने कहा कि मुखर्जी ने 'राष्ट्र प्रथम' को जीवन का ध्येय बनाया।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्रवादी विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक बेहतरीन विचारक और शिक्षाविद थे। वहीं, गृहमंत्री शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'राष्ट्र प्रथम' के आदर्श को अपने जीवन का ध्येय बनाया।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
'प्रसिद्धि के लिए कुछ नहीं किया'
इसके साथ ही, अमित शाह ने अपना वीडियो संदेश भी शेयर किया। इसमें उन्होंने कहा, 'श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस राष्ट्र के बहुत बड़े नेताओं में शुमार होते हैं। उन्होंने कभी जीवन में कुछ भी प्रसिद्धि के लिए नहीं किया, मगर जो भी किया उसके दूरगामी परिणाम देश के लिए शुभांकर हुए। आजादी के पहले जब विभाजन हो रहा था, तब पश्चिम बंगाल भारत में रहे, अंग्रेजों के साथ लड़ाई करके श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने सुनिश्चित किया था और इसी के कारण आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना।'
'गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा का राज'
शाह ने आगे कहा, 'आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना साकार हो चुका है। धारा 370 समाप्त हो चुकी है और उनकी बनाई हुई पार्टी भारतीय जनसंघ, जो अब भारतीय जनता पार्टी के नाम से जानी जाती है, गंगोत्री से लेकर बंगाल के गंगासागर तक भाजपा का राज है। लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं ने 60 साल के अंदर इनकी विचारधारा पर आगे बढ़ते हुए आज देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया है। आज मैं हृदय से श्याम प्रसाद मुखर्जी के महान व्यक्तित्व को प्रणाम करके विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।'
कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे गृह मंत्री
इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के मौके पर एक आधिकारिक समारोह के हिस्से लेगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उपस्थित रहेंगे। संस्कृति मंत्रालय ने 2025 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो साल के राष्ट्रव्यापी समारोह की घोषणा की थी।