फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arunachal Pradesh: अरुणाचल में धार्मिक स्थल को लेकर विवाद, 24 घंटे बंद का एलान, जानें क्या है पूरा मामला

Wed, 21 Jan 2026 04:47 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर

सार

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी में अवैध धार्मिक निर्माण के विरोध में 'एसटी बचाओ आंदोलन समिति' ने 24 घंटे का बंद एलान किया। इस दौरान बाजार और दफ्तर पूरी तरह बंद रहे, जिससे जनजीवन थम गया।
विज्ञापन
अरुणाचल प्रदेश में बंद (सांकेतिक) - फोटो : माइक्रोसॉफ्ट को-पायलट एआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में बुधवार को आम जनजीवन पूरी तरह थम गया। यहां कथित तौर पर अवैध रूप से बन रही मस्जिदों के विरोध में 24 घंटे बंद का एलान किया गया था। 'एसटी बचाओ आंदोलन समिति' की जीरो यूनिट ने सुबह पांच बजे से इस बंद की शुरुआत की।
विज्ञापन


शहर में दिख रहा बंद का असर
पुलिस के मुताबिक, बंद का असर साफ दिखाई दिया। शहर की लगभग सभी दुकानें बंद रहीं और सरकारी दफ्तरों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति बहुत कम रही। सड़कों पर वाहन नहीं चले। हालांकि, पुलिस का कहना है कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

क्या है विवाद?
प्रदर्शन करने वाले लोग ओल्ड जीरो के सुलुया और हापोली के पारे अमी इलाके में बन रही दो मस्जिदों को गिराने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि इन निर्माण कार्यों के लिए कोई उचित सरकारी दस्तावेज नहीं थे। यह काम सिर्फ जमीन मालिकों के साथ हुए आपसी समझौते के आधार पर किया जा रहा था।
विज्ञापन


ये भी पढे़ं: Indian Army: भारतीय सेना ने रचा इतिहास, अरुणाचल की सर्वोच्च चोटी कांगतो पर पहली सफल चढ़ाई

हाईवे खुला रखा, छात्रों को मिली छूट
लोअर सुबनसिरी के एसपी केनी बागरा ने बताया कि प्रदर्शनकारी प्रशासन और पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यात्रियों की सुविधा के लिए हाईवे को खुला रखा है, जो कामले और अपर सुबनसिरी जिलों के लोगों के लिए मुख्य रास्ता है। इसके अलावा, कक्षा 5, 8 और 10वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को आने-जाने की पूरी अनुमति दी गई है।
विज्ञापन


प्रशासन ने बंद को बताया था अवैध
इससे पहले मंगलवार को जिले के डिप्टी कमिश्नर (प्रभारी) हागे तारुंग ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत रोक लगाने के आदेश जारी किए और बंद को गैर-कानूनी घोषित कर दिया। इसके बावजूद समिति ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें