मणिपुर में दो साल पहले मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी, जिसमें 260 से अधिक लोग मारे गए थे और 70,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए थे। इस हिंसा के दो साल पूरे होने पर शनिवार को विभिन्न संगठनों द्वारा राज्यभर में बंद (शटडाउन) का आह्वान किया गया। मैतेई समुदाय के संगठन को ऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (सीओसीओएमआई) ने इंफाल घाटी में शटडाउन का आह्वान किया।
सुरक्षा बलों की तैनाती
मैतेई समुदाय का कार्यक्रम
शटडाउन के दौरान सीओसीओएमआई ने इंफाल के खुमान लमपक स्टेडियम में 'मणिपुर पीपल्स कन्वेंशन' आयोजित करने का ऐलान किया है और लोगों से इसमें बड़े पैमाने पर शामिल होने की अपील की है। इसके अलावा, इंफाल में एक मोमबत्ती मार्च भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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कुकी समुदाय का 'डे ऑफ सेपरेशन'
वहीं कुकी समुदाय के लोग चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में 'डे ऑफ सेपरेशन' मना रहे हैं, जिसमें वे एक अलग क्षेत्र की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि चुराचांदपुर में 'वॉल ऑफ रिमेम्ब्रेंस' पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां हिंसा में मारे गए लोगों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अलावा, सेहकेन बुरियल साइट पर भी एक कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां हिंसा में मारे गए कुकी लोगों को दफनाया गया है।