सोमवार को एनआईए ने कश्मीर में हिंसा फैलाने और पाकिस्तान से फंडिंग के मामले में सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया। जिसके बाद घाटी में बंद का ऐलान किया गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रीनगर के कई इलाकों में धारा-144 लागू कर दी है, ताकि अलगाववादियों की गिरफ्तारी के खिलाफ किसी प्रदर्शन को रोका जा सके।
अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक ने बंद का ऐलान किया है, उन्हें श्रीनगर में नजरबंद कर दिया गया है। जबकि यासीन मलिक श्रीनगर सेंट्रल जेल में बंद है। जिला अधिकारी ने इलाके में धारा- 144 लागू कर दी है। बंद के ऐलान के बाद से पब्लिक ट्रांसपोर्ट, दुकाने और स्कूल सभी बंद हैं। वहीं प्रइवेट ट्रांसपोर्ट की बात करें तो सुबह से कुछ ऑटो ही नजर आए हैं।
गौरतलब है कि एनआईए ने बिट्टा कराटे को दिल्ली जबकि नईम खान, अलताफ, अयाज़ अकबर, पीर सैफुल्ला, मेराजुद्दीन, शाहिद उल इस्लाम को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
वहीं पाकिस्तान से कश्मीर में हिंसा के लिए हवाला के जरिए फंडिंग, आतंकी संगठनों से कनेक्शन और मनी लॉंड्रिग से जुड़े मामलों मे शामिल होने के शक के आधार पर अलगाववादी नेताओं के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।