विश्व हिंदू परिषद (विहिप) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा दो अप्रैल से पूरे देश में रामोत्सव कार्यक्रम मनाएगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष कार्यक्रम में विहिप देश के छह लाख गांवों तक पहुंचेगा। राममंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक की यात्रा में किसी भी प्रकार की भूमिका निभाने वाले रामभक्तों को रामोत्सव कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जाएगा। विहिप द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पिछले दो साल कोरोना के कारण आयोजित नहीं किया जा सका था, इसलिए इस वर्ष इसे वृहद रूप में मनाये जाने की तैयारी है।
श्रीराम महोत्सव कार्यक्रम पूरे नवरात्रि चलते रहेंगे। इस दौरान जिस दिन जिस देवी की पूजा करने का विधान है, रामोत्सव कार्यक्रम में उस दिन उस प्रमुख देवी में की शक्तियों के विषय में लोगों को जानकारी दी जाएगी। लोगों को इस बात के लिए जागरूक भी किया जाएगा कि देवी की उन शक्तियों की वर्तमान समाज में क्या प्रासंगिकता है और उन्हें किस प्रकार अपने जीवन में अपनाया जाना चाहिए।
अयोध्या में राममंदिर का निर्माण इस देश के करोड़ों रामभक्तों का सपना रहा है। अब यह मंदिर निर्माण तेजी से पूर्ण होने की तरफ बढ़ रहा है। रामोत्सव कार्यक्रम के दौरान लोगों को इस बात के लिए भी बताया जाएगा कि वे कब से भगवान राम के मूल रूप को गर्भगृह में दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए पूरे देश से रामभक्तों को अयोध्या तक लाए जाने के एक वृहद कार्यक्रम के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
विहिप के दिल्ली प्रांत प्रमुख कपिल खन्ना ने बताया कि राजधानी के हर प्रखंड में रामोत्सव कार्यक्रम मनाए जाने की तैयारी हो चुकी हैं। शुक्रवार शाम हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत होगी। रामोत्सव कार्यक्रम के दौरान हर प्रखंड में झांकी-शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान सभी सेवा ग्राम बस्तियों में जाकर लोगों से मिलने-जुलने का कार्यक्रम रखा गया है।
कपिल खन्ना ने बताया कि भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में राममंदिर का निर्माण कार्य तेजी से बन रहा है। अनुमान है कि लगभग दो वर्ष में यह बनकर पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद दिल्ली के उन सभी रामभक्तों को अयोध्या तक ले जाने का विशेष कार्यक्रम बनाया जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक में किसी भी प्रकार की भूमिका निभाई होगी। इसके विषय में योजना बनाई जा रही है।