प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम जन्मभूमि निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाए जाने की घोषणा कर दी है। हालांकि अभी तक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने औपचारिक तौर पर ट्रस्ट के सदस्यों के नाम उजागर नहीं किए हैं। बताया जा रहा है कि देर-सवेर किसी भी वक्त इनके नामों का अधिकारिक एलान किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम पर नया बैंक अकाउंट खोला जाएगा। चूंकि दुनिया के हर कौने में राम भक्त बसे हैं और वे मंदिर निर्माण के लिए चंदा देना चाहते हैं, इसलिए ऑनलाइन डोनेशन पोर्टल बनाने की तैयारी हो रही है। इस बाबत केंद्र सरकार, राम मंदिर निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को अवगत कराएगी।
चंदा लेने के लिए दोनों विकल्प रखे जाएंगे। यानी ऑनलाइन डोनेशन और पर्ची काटकर चंदा लेना, यह प्रावधान किया जा रहा है। जो व्यक्ति चंदा देगा, उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए या नहीं, इस बारे में ट्रस्ट फैसला लेगा। हालांकि अभी तक जो बात सामने आ रही है उसके मुताबिक, नए ट्रस्ट में यह प्रावधान किया जा सकता है कि ऑनलाइन डोनेशन और पर्ची डोनेशन, यह जानकारी सार्वजनिक रहे।
राम मंदिर निर्माण के लिए दशकों से जो ट्रस्ट लगे हुए थे, उनके खातों में भारी राशि जमा है। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों ऐसे ट्रस्टों की संपत्ति का पता लगाया था। कई ट्रस्टों के मौजूदा पदाधिकारियों से भी बातचीत की गई है। अगर वे सहमति देते हैं तो उनकी संपत्ति राम जन्मभूमि निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में ट्रांसफर हो जाएगी।
वित्त मंत्रालय की एक एजेंसी ने राम मंदिर निर्माण में लगे सभी संगठनों की वित्तीय समीक्षा भी की थी। यह भी पता लगा है कि राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण उसी नक्शे के आधार पर होगा, जो राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने बनाया था। राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट के अभी तक कराए गए कार्यों को राम जन्मभूमि निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्लान में शामिल किया जाएगा।