जिले की सबसे भयावह श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के मामले में 29 जुलाई को अदालत फैसला सुनाएगी। घटना के 11 वर्ष बाद एडीजे प्रथम बुधिराम यादव की अदालत में यह फैसला सुनाया जाएगा।
28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे हरपालगंज रेलवे स्टेशन के हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग पर पटना से दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में बम धमाका हुआ था। इसमें 12 यात्रियों की मौत व 18 लोग घायल हुए थे।
इस मामले में आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई, नफीकुल विश्वास, हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन व मोहम्मद आलमगीर के विरुद्ध विचारण चल रहा था। अन्य मामले में सुनवाई के लिए आरोपी नफीकुल विश्वास व हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन हैदराबाद जेल भेज दिए गए हैं।
जिसके कारण आतंकी आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई व मोहम्मद आलमगीर के विरुद्ध फैसला सुनाया जाएगा। मामले में कुल सात आरोपी थे। जिसमें आतंकी आरोपी शरीफ उर्फ कंचन उर्फ सैफुद्दीन व गुलाम पाजदानी उर्फ याहया फरार चल रहे हैं। जबकि आरोपी डा. सईद की मौत हो चुकी है।