MEA: भारत ने बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर्रहमान के ऐतिहासिक आवास को नष्ट किए जाने पर अफसोस जताया और इसकी कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कृत्य बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम और बांग्ला पहचान के खिलाफ है।
भारत ने गुरुवार को बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर्रहमान के ऐतिहासिक निवास को नष्ट किए जाने पर अफसोस जताया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि इस कृत्य की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
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एमईए ने एक बयान में कहा, यह अफसोसजनक है कि कब्जे और उत्पीड़न की ताकतों के खिलाफ बांग्लादेश के लोगों के वीरतापूर्ण प्रतिरोध के प्रतीक शेख मुजीबुर्रहमान का ऐतिहासिक निवास बुधवार को नष्ट कर दिया गया। वह सभी लोग जो स्वाधीनता संग्राम को महत्व देते हैं, वह जानते हैं कि बांग्ला पहचान और गौरव के लिए इस निवास स्थान का कितना महत्व है। मंत्रालय ने कहा, इस बर्बर कृत्य की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
बांग्लादेश ने की है शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग
वहीं, केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद को बताया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत आने से पहले कथित तौर पर किए गए अपराधों के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश सरकार को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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हसीना पिछले साल पांच अगस्त से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद हसीना को प्रधानमंत्री का पद छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था और भारत भागना पड़ा। इसके साथ अवामी लीग के 16 साल का शासन खत्म हुआ।
सरकार से पूछा गया था कि क्या यह सच है कि बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है? यहां हां, तो इसका क्या कारण है और क्या सरकार की प्रतिक्रिया से बांग्लादेश को अवगत कराया गया है। कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने 5 अगस्त 2024 को भारत आने से पहले कथित तौर पर किए गए अपराधों के लिए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है। बांग्लादेश की सरकार को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।