मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा का सरगना हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवाद के आरोप को वापस लेना यह दिखाता है कि पाकिस्तान में इच्छा की बहुत कमी है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाध्यताओं को पूरा करने के लिए आतंकी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति की भी कमी है।
यह चौंकाने वाला है कि आतंकी संगठन चलाने वाले सईद पर मुकदमा चलाने की बजाए पाकिस्तान उसे महज नजरबंद कर के रखा हुआ है। इस तरह के दोहरे रवैये पर पाकिस्तान की हर तरफ से निंदा की जानी चाहिए। गौरतलब है कि पाकिस्तान की सरकार ने रविवार को हाफिज सईद और उसके आतंकी संगठन के खिलाफ लगे आतंकवाद के आरोपों को वापस ले लिया था।