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नहीं बंद हुआ मरीजों को महंगी सिरिंज देना, सरकार की सख्ती पर निजी अस्पतालों ने निकाला शॉर्टकट

Sun, 11 Mar 2018 07:01 PM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इलाज के नाम पर मरीजों से महंगे बिल वसूलने वाले निजी अस्पतालों पर रोक लगाने के लिए पिछले महीने केंद्र सरकार ने सिरिंज के दाम कम करने की सख्ती की। लेकिन अस्पतालों ने सरकार की इस चेतावनी को ठेंगा दिखा दिया। दिल्ली सहित देश के कई बड़े निजी अस्पतालों ने मरीजों को पचास पैसे या एक रुपये में सिरिंज देने से इनकार कर दिया है। 
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रोक के बावजूद मरीजों को महंगी सिरिंज दे रहे हैं कॉरपोरेट अस्पताल 

सरकार की सख्ती पर निजी अस्पतालों ने निकाला शॉर्टकट 


राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के आदेशों को न मानते हुए अभी भी मरीजों को महंगे सिरिंज देने का सिलसिला जारी है। इसका खुलासा केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को भेजी एक शिकायत में हुआ है। जिसमें कहा है कि रोक के बावजूद अस्पतालों में खुलेआम अभी भी महंगी दवाएं और सिरिंज के बिल वसूले जा रहे हैं। 

सस्ते सिरिंज देने वाली कंपनियों को किया वापस 

सिरिंज एसोसिएशन ने मंत्रालय से की शिकायत 


बता दें कि पिछले वर्ष गुड़गांव स्थित फोर्टिस अस्पताल का मामला उजागर होने के बाद केंद्र सरकार ने चुनिंदा निजी अस्पतालों के बिलों की समीक्षा करवाई थी। जिसमें सच्चाई सामने आई कि मरीजों से 2800 गुना तक ज्यादा कीमतें ली जा रही हैं। इसके बाद एनपीपीए ने सिरिंज एसोसिएशन को बुलाकर कीमतों पर कैपिंग करने की चेतावनी दी थी। साथ ही अस्पतालों को चेतावनी भी दी गई थी। लेकिन बावजूद इसके हालातों में सुधार नहीं हुआ है। 
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शिकायत में शामिल अस्पतालों पर जांच 

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरवरी के आखिरी सप्ताह में दिल्ली के ही एक व्यक्ति ने तीन बड़े अस्पतालों की शिकायत की थी। जांच में पाया कि ऐसा और भी अस्पताल कर रहे हैं। इसलिए फिलहाल इन पर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही इन अस्पतालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी। 

कंपनियों पर बनाया दबाव, नहीं घटाए दाम 

ऑल इंडिया सिरिंज एवं निडिल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रमुख विमल खेमका ने बताया कि मरीजों से ज्यादा बिल के मामले उजागर होने के बाद एनपीपीए के निर्देश पर एसोसिएशन से जुड़ी तमाम कंपनियों ने अस्पतालों के दबाव में नहीं आने का फैसला लेते हुए छपाई कीमत नहीं बढ़ाने पर सहमति जताई। जिसके बाद करीब 40 फीसदी तक दामों में गिरावट आई। लेकिन बड़े-बड़े निजी अस्पतालों ने कंपनियों को ऐसा न करने की चेतावनी दी। 

जिसके बाद 15 भारतीय और एक विदेशी कंपनी ने कीमतों पर नियंत्रण किया। लेकिन अन्य कंपनियां इससे दूर हो गईं। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल अभी भी कीमतें सस्ता कर चुकी कंपनी से सिरिंज खरीदने के बजाए प्राइस कैपिंग से बाहर रही कंपनियों से सिरिंज खरीद रहे हैं। 

डंडे के जोर पर ही चलेगा काम : एनपीपीए 

एनपीपीए के सूत्रों ने बताया कि उनके पास भी अस्पतालों में महंगे सिरिंज बेचने की शिकायत पहुंची है। चूंकि इन अस्पतालों को पहले भी चेतावनी दी गई थी। इसलिए अब एनपीपीए ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। सूत्र बताते हैं कि जल्द ही एनपीपीए सिरिंज को डीपीसीओ एक्ट में शामिल कर इनकी कीमतों पर नियंत्रण कर देगी। 
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