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निजी कंपनियों को दी जा सकती है रेल ट्रैक के सुधार की जिम्मेदारी

Sat, 25 Mar 2017 09:54 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
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सांकेतिक चित्र
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दुनिया की चार सबसे बड़ी रेल सेवाओं में से एक भारतीय रेल अपने ट्रैकों के जीर्णोद्धार के लिए अहम फैसला ले सकता है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक रेलवे वर्षों से इस संबंध में चले आ रहे स्टील अथॉर्टी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के एकाधिकार को खत्म कर निजी स्टील कंपनियों की मदद ले सकता है।
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सेल राज्य स्वामित्व वाली स्टील कंपनी है, जो कि पिछले पांच वर्षों से एक छत्र रेलवे ट्रैकों के लिए काम करती आ रही है। लेकिन एक सच यह भी है कि कंपनी तय लक्ष्यों की पूर्ति में पीछे रही है। इसलिए भारत सरकार को रेल ट्रैकों की मरमम्त और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी कंपनियों की ओर रुख कर सकती है। सरकार निजी स्टील कंपनियों से 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब आज के करीब 45 अरब 76 करोड़ 45 लाख 30 हजार की रकम की खरीददारी कर सकती है। 

देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली विशाल रेलवे व्यवस्था के जीर्णोद्धार के लिए सरकार पांच वर्षों की तय अवधि में भारी रकम खर्च कर रही है। यह रकम 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी आज के करीब 84 खरब 99 अरब 12करोड़ 70 लाख रुपये है।
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रेल सुरक्षा के लिए सरकार खर्च कर रही अरबों रुपये

रेल मंत्री सुरेश प्रभु - फोटो : file photo
सरकार ने रेल सुरक्षा के लिए भी 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी आज के करीब 980 अरब 66 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च करने की राशि तय की है। पिछले हफ्ते रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में कहा था कि पिछले दो साल में रेल ट्रैकों में आई कमी के कारण 25 फीसदी रेल हादसों में इजाफा हुआ है। 

मौजूदा वित्त वर्ष में कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक सेल तय 850,000 टन के मुकाबले 250,000 टन स्टील की ही पूर्ति कर पाई है।
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