फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुकानदार MRP पर लगा रहे GST, लोग कर रहे शिकायत

Mon, 10 Jul 2017 04:43 PM IST
amarujala.com- Presented By: अभिषेक मिश्रा
विज्ञापन
विज्ञापन
माल और सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई को लागू हो गया लेकिन अभी तक अप्रत्यक्ष कर सुधार के बारे में भ्रम बरकरार है। जीएसटी को गलत तरीके से चार्ज करने वाले व्यापारियों के बारे में शिकायत की जारी है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि कुछ खुदरा विक्रेता उत्पादों के एमआरपी के ऊपर चार्ज कर रहे हैं, उसके बाद फिर उसके ऊपर जीएसटी चार्ज कर रहे हैं। 
विज्ञापन


सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया है कि खुदरा में बेचा जाने वाले उत्पाद की अधिकतम कीमत एमआरपी है और इससे ऊपर कुछ चार्ज करना अपराध है। आपको बता दें कि एक उपभोक्ता ने उत्तर प्रदेश में नोएडा के लोकप्रिय रेस्तरां में एक बिल बनवाया। इस पर रेस्तरां ने स्नैक्स के एक पैकेट के ऊपर केंद्रीय और राज्य जीएसटी लगाया। मुंबई में एक मरीज अतुल शाह ने खरीदी गई दवाओं के कुल एमआरपी पर जीएसटी का आरोप लगाया था। 

कंप्यूटर से जनरेट किए गए बिल में कोई जीएसटी नहीं दिखाया गया। जिस पर रिटेलर द्वारा चार्ज किया गया था और स्याही में उल्लेख किया गया था। जीएसटी का ज्यादातर चार्ज केवल स्थानीय बाजारों तक ही सीमित नहीं है। यहां तक कि ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स पोर्टल कथित तौर पर एमआरपी से ऊपर और उससे ऊपर जीएसएस चार्ज कर रहे हैं। एक अन्य उपभोक्ता ने बिल बनवाया, जिसमें 4 जुलाई को एमआरपी 380 रुपये प्रति किलोग्राम के खाद्य तेल के लिए तैयार किया गया था। 
विज्ञापन


डिस्काउंट के बाद इसकी कीमत 371.43 रुपये थी लेकिन फिर अंतरराज्यीय जीएसटी को एमआरपी की तुलना में खाद्य तेल महंगा बनाने के लिए आवेदन किया गया था। एक और उपभोक्ता ने एक लोकप्रिय ई-कॉमर्स पोर्टल से शर्ट खरीदने की सूचना दी। 60 फीसदी छूट के बाद, शर्ट की कीमत 720 रुपये थी। यह शर्ट के लिए एमआरपी है। लेकिन, इसमें 30.60 रुपये का अनुमानित जीएसटी जोड़ा गया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें