नोटबंदी के बाद बाजार में छोटे नोटों की चल रही तंगी के बीच रिजर्व बैंक ने मॉल के कारोबारियों और दुकान मालिकों से रोजाना बिक्री से मिली नकदी को बैंकों के पास जमा कराने को कहा है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उन्हें जमा की गई राशि 2,000 और 500 रुपये के नोट में निकालने की अनुमति होगी, बेशक मौजूदा निकासी की सीमा कुछ भी हो। बैंकिंग क्षेत्र के नियामक के इस कदम का उद्देश्य नए नोटों की जमाखोरी को रोकना है, जिससे नकदी संकट को खत्म किया जा सके।
रिजर्व बैंक की एक अधिसूचना के मुताबिक, ऐसा सामने आया है कि कुछ जमाकर्ता मौजूदा निकासी की सीमा की वजह से अपना पैसा बैंक खातों में जमा कराने से हिचकिचा रहे हैं। रिजर्व बैंक ने कहा है कि करेंसी नोटों को बाजार में लाने के लिए सावधानी से विचार विमर्श के बाद यह फैसला किया गया है कि 29 नवंबर, मंगलवार या उसके बाद वैध नोटों में की गई जमा को मौजूदा निकासी सीमा से आगे भी निकालने की अनुमति होगी। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इस तरह की निकासी के लिए ऊंचे मूल्य यानी 2,000 और 500 के नोट जारी किए जायेंगे।
नोटबंदी लागू होने के बाद आम जनता ने बीते 27 नवंबर तक चलन से हटाए गए 500 और 1,000 रुपये के 8.45 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट जमा कराए हैं या बदले हैं। इस दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं ने काउंटर या एटीएम के जरिए 2.16 लाख करोड़ रुपये वितरित किए हैं।