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पाकिस्तानी वायु सेना ने किया सुखोई-30 को मार गिराने का दावा, भारत ने किया खारिज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अमित मंडल Updated Wed, 06 Mar 2019 08:34 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान के भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 को गिराए जाने के दावे को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि 27 फरवरी को पाकिस्तानी और भारतीय वायु सेना के बीच हुई हवाई लड़ाई में उसने भारत के सुखोई-30 को मार गिराया था। इस मामले में भारतीय रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान ये झूठा दावा इसलिए कर रहा है ताकि वह अपने लड़ाकू विमान को गिराए जाने वाली खबर को छिपा सके।



मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय सीमा की ओर आने वाले पाकिस्तानी विमानों की जांच के लिए तैनात सभी सुखोई-30 विमान सुरक्षित वापस लौट आए थे। मंत्रालय ने कहा, "पाकिस्तान के सुखोई-30 को मार गिराए जाने के झूठे दावे से पता चलता है कि वह अपने स्वयं के विमान के नुकसान को छिपाना चाहता है।"


पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। इस आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।


इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। जिसमें जैश के ठिकाने भी शामिल थे। इसके अगले ही दिन पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया। पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने अपने मिग-21 लड़ाकू विमान से गिरा दिया था। 


पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, "पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के भारतीय क्षेत्र में घुसने को समय पर भांप लिया गया और उससे निपटने के लिए अतिरिक्त विमान लगाए गए। पाकिस्तानी वायु सेना के विमान हमारे जमीनी ठिकाने (सैन्य प्रतिष्ठान) पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे।"


मंत्रालय ने कहा, "भारतीय वायु सेना की ओर से बचाव के लिए मिराज-2000, सुखोई-30 और मिग-21 को लगाया गया, जिन्होंने पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों को बेहद ही कम समय में वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। जो उनके द्वरा गिराए गए बमों की चूक से साबित होता है।"


मंत्रालय ने कहा, हवाई लड़ाई के वक्त पाकिस्तान ने एफ-16 का इस्तेमाल किया, एमरॉम (एएमआरएएएम) मिसाइलों को एयर टू एयर कई बार छोड़ा गया। अमेरिका ने जब पाकिस्तान को एफ-16 बेचा था तो कुछ शर्तें भी रखी थीं। इसमें लिखा था कि इसे वह किसी तीसरे देश के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा। वह केवल आत्मरक्षा और आतंक के खिलाफ ही एफ-16 का इस्तेमाल कर सकता है।


एमरॉम मिसाइल का जवाब देने के लिए सुखोई-30 ने बेहतर प्रदर्शन किया और मिसाइल को मार गिराया। मिसाइल के हिस्से जम्मू कश्मीर के राजौरी में जाकर गिरे। जिसमें एक नागरिक भी घायल हो गया। भारतीय वायु सेना ने 28 फरवरी को प्रेस वार्ता के दौरान सबूत के तौर पर मिसाइल के टुकड़े भी दिखाए थे।

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