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LS Polls: चुनाव आयोग को मिली सफलता, ग्रेट निकोबार की शोम्पेन जनजाति ने संसदीय चुनाव में पहली बार किया मतदान

Wed, 01 May 2024 04:47 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) को चुनाव प्रक्रिया में शामिल करने के लिए किए गए विशेष प्रयासों में सफलता मिली है। ग्रेट निकोबार की शोम्पेन जनजाति ने पहली बार लोकसभा चुनाव में मतदान किया है।
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चुनाव आयोग (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि उसका ध्यान विशेष रूप से उन कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) पर है, जो मतदान प्रक्रिया का लाभ उठा रहे हैं। इन समूहों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा किए गए विशेष प्रयासों में सफलता भी मिली है। आदिवासी समूहों ने मौजूदा लोकसभा चुनाव के पहले दो चरणों में मतदान करने के लिए उत्साह दिखाया है। बताया कि ग्रेट निकोबार की शोम्पेन जनजाति ने पहली बार इस लोकसभा चुनाव में मतदान किया है।  

भारत में 8.6 प्रतिशत आदिवासी आबादी 

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चुनाव आयोग के अनुसार, भारत में 8.6 प्रतिशत आदिवासी आबादी है, जिसमें 75 समूह शामिल हैं, जो पीवीटीजी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि पहले से दुर्गम क्षेत्रों में मतदान केंद्र स्थापित करने का लाभ मिला है, जिसके चलते दुर्गम क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कमजोर जनजातीय समूहों को मतदान प्रक्रिया में शामिल किया जा सका है। चुनाव आयोग के अनुसार, पिछले 11 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान 14 आदिवासी समुदायों से करीब 9 लाख पात्र मतदाता थे। चुनाव आयोग के विशेष प्रयासों के चलते इन राज्यों में आदिवासी समूहों का 100 प्रतिशत मतदान सुनिश्चित हो सका। 

सीईसी का प्रयास, चुनाव प्रक्रिया में अधिक भाग लें आदिवासी 
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) का पद संभालने के बाद पिछले दो वर्षों से राजीव कुमार चुनावी प्रक्रिया में पीवीटीजी की अधिक भागीदारी पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि पीवीटीजी को मतदाता सूचित में शामिल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उन्हें पंजीकृत करने के लिए विशेष पंजीकरण अभियान शुरू किए जाएं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण करने के लिए पीवीटीजी आबादी वाले विशिष्ट राज्यों में विशेष आउटरीच शिविर आयोजित किए गए थे। 

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