महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शिवसेना (यूबीटी) आगामी निकाय चुनावों को लेकर तैयारी तेज कर दी। मंगलवार को मुंबई में पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने इस बैठक में बताया कि आने वाले समय में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर सकती है। उन्होंने यह बयान अगले कुछ महीनों में होने वाले निकाय चुनावों और विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के मद्देनजर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी सदस्यों से शिवसेना (यूबीटी) की हिंदुत्व समर्थक विचारधारा पर उठ रहे सवालों को खारिज करने और एकनाथ शिंदे गुट के दावों का विरोध करने को कहा।
उद्धव ठाकरे ने नगरसेवकों को किया संबोधित
उद्धव ठाकरे ने अपने निजी आवास मातोश्री में बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक में उन्होंने नगरसेवकों को संबोधित करते हुए पार्टी को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों, विशेषकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। बता दें कि बीएमसी चुनाव में शिवसेना का 25 वर्षों से दबदबा रहा है। हालांकि, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने उद्धव गुट (शिवसेना-यूबीटी) के 47 पूर्व नगरसेवकों को अपने पक्ष में कर लिया है। बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाएगा। इसके लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जो उन क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।
विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) का प्रदर्शन अच्छा नहीं था। पार्टी 36 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन उन्हें केवल 10 पर ही जीत मिली। भाजपा 132 से ज्यादा सीटें जीती। वहीं अगर भाजपा नीत महायुति के घटक दलों की बात करें तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 57 और अजित पवार की राकांपा 41 सीटें जीतने में कामयाब रही। महाविकास आघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, राकांपा-एसपी) ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं।
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