शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने देश में बढ़ते मोटापे को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समोसे-जलेबी जैसे भारतीय पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर सख्ती कर रही है, तो विदेशी फास्ट फूड जैसे बर्गर, पिज्जा और डोनट्स पर भी उतने ही सख्त नियम लागू होने चाहिए। उन्होंने पैकेज्ड जूस को चीनी वाले ड्रिंक बताते हुए कोका-कोला से भी ज्यादा हानिकारक बताया।
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने देश में बढ़ती मोटापे की समस्या को लेकर सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार जलेबी और समोसे जैसे भारतीय पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर नियम बना रही है, तो विदेशी फास्ट फूड जैसे बर्गर, पिज्जा और डोनट्स पर भी वैसी ही सख्ती होनी चाहिए। शिंदे गुट के नेता ने कहा कि अगर सरकार सड़क किनारे समोसा बेचने वाले छोटे विक्रेताओं पर नियम लागू करती है, तो मैकडोनाल्ड जैसी बड़ी विदेशी कंपनियों को भी उन्हीं नियमों के दायरे में लाना चाहिए। उनका मानना है कि सभी तरह के अनहेल्दी (अस्वास्थ्यकर) खाने पर एक जैसा नियंत्रण होना चाहिए, चाहे वो देसी हो या विदेशी।
पैकेज्ड जूस को लेकर भी बोले सांसद
प्रधानमंत्री मोदी को किया धन्यवाद
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुरू हुई पहल
गौरतलब है कि ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब दावा किया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स नागपुर सहित देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को सलाह दी कि वे ऑयल और शुगर बोर्ड लगाएं, जिन पर आपके नाश्ते में मौजूद फैट और शुगर की मात्रा साफ-साफ लिखी हो। सरकार की ओर से उठाया जाने वाला ये कदम खास तौर पर जंक और फास्ट फूड्स से होने वाले सेहत को नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने और इनसे दूरी बनाने की दिशा में ये बड़ा कदम माना जा रहा है।