महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए शिवसेना मुंबई और इसके आसपास रहने वाले उत्तर भारतीयों को जोड़ने में जुट गई है। शिवसेना की युवा सेना के प्रमुख आदित्य ठाकरे सोमवार को उत्तर भारतीयों के कजरी मोहत्सव में शामिल हुए। यहां उनका स्वागत लाल रंग का गमछा पहनाकर किया गया। बता दें गमछे को उत्तर भारतीय समाज का प्रतीक माना जाता है।
ये कार्यक्रम दिंडोशी में आयोजित किया गया था। इसका आयोजन उत्तर भारतीयों के नेता माने जाने वाले आनंद दुबे और अशोक तिवारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर भारतीय समाज (करीब 40 लाख लोगों) को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई में कजरी महोत्सव चल रहा है और देश में केसरी मोहत्सव। इससे पूरे देश में भगवा रंग का संदेश पहुंच रहा है।
आदित्य ने कहा, "उत्तर भारत के दौरे में बेहद सम्मान और प्यार मिला। मुझे अयोध्या दौरे से एक ही सीख मिली है, रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई। शिवसेना की भी यही रीत रही है कि जब तक अयोध्या में रामलला का मंदिर नहीं बनता, तब तक पार्टी शांत नहीं बैठेगी।"
उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना ने किसानों से लेकर राम मंदिर तक जितने भी कार्यों को करने का वचन लिया है, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। इस बीच आनंद दुबे ने कहा कि उत्तर भारतीय समाज बड़ी संख्या में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के कार्यों को देखकर शिवसेना के साथ जुड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही आदित्य ठाकरे उत्तर भारतीय समाज से उनकी समस्याओं को जानने और सुलझाने के लिए संवाद भी कर सकते हैं।