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UPDATE: शिवसेना-भाजपा में बढ़ी तकरार, उद्धव ठाकरे ने अहम बैठक की रद्द

Tue, 29 Oct 2019 09:11 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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संजय राउत-उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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महाराष्ट्र में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बेशक साथ मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन चुनाव के बाद उसने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वह राज्य में सत्ता के आधे बंटवारे के साथ ही ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग कर रही है। जिसे लेकर उसके और भाजपा के बीच खींचतान जारी है। इस बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और भाजपा उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना मुंबई में भाजपा विधायक दल की होने वाली बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए। ये बैठक बुधवार को होनी है। जानिए अब तक का अपडेट- 

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अमित शाह-उद्धव ठाकरे करेंगे मुलाकात: पाटिल

महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा, देवेंद्र जी ने आज कहा कि ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद का प्रस्ताव लोकसभा चुनाव के दौरान आया था। उन्होंने ये भी कहा कि इस प्रस्ताव पर क्या हुआ कोई नहीं जानता, सिर्फ अमित शाह जानते हैं। अमित जी और उद्धव जी एक दूसरे से मुलाकात कर मामला सुलझाएंगे।
 
 

उद्धव ने बैठक की रद्द 

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि आज शाम चार बजे भाजपा-शिवसेना की बैठक तय हुई थी। लेकिन जब सीएम ही खुद कह रहे हैं 50-50 फॉर्मूले पर चर्चा ही नहीं हुई थी तो ऐसी बातचीत का क्या नतीजा निकलेगा। किस आधार पर हम उनसे बातचीत करेंगे। इसलिए उद्धव जी ने आज की बैठक ही रद्द कर दी। 

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इस बैठक में भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और पार्टी नेता भूपेंद्र यादव शामिल होने वाले थे। वहीं शिवसेना की तरफ से सुभाष देसाई और संजय राउत को बैठक में शामिल होना था। 
 

उद्धव से मिलने पहुंचे भाजपा नेता 
 

भाजपा नेता प्रसाद लाड ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। 
 

राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात

सोमवार को दोनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात की। अब शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि महाराष्ट्र में किसी दुष्यंत के पिता जेल में नहीं हैं। 

संजय राउत से जब पूछा गया कि भाजपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन होने के बावजूद सरकार बनाने में देरी क्यों हो रही है तो उन्होंने कहा, 'यहां कोई दुष्यंत नहीं है जिसके पिता जेल में हों। हम धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं। शरद पवार जी ने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया। वह कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।'

इससे पहले सोमवार को शिवसेना ने कहा कि राजनीति में कोई भी साधु-संत नहीं होता है। इस बयान से उसने संकेत दिया है कि यदि भाजपा उसकी मांगों को नहीं मानती है तो वह कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का समर्थन लेकर सरकार बना सकती है। शिवसेना के नेता संजय राउत ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बनाने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया लेकिन कहा कि शिवसेना गठबंधन की पवित्रता में विश्वास करती है।

संजय राउत ने कहा, 'उद्धव ठाकरे (शिवसेना अध्यक्ष) ने साफतौर पर कहा है कि हम भाजपा का इंतजार करेंगे। लेकिन हमें अन्य विकल्प पर विचार करने से न रोकें। हम इस पाप को नहीं करना चाहते।' कांग्रेस-एनसीपी से शिवसेना के समर्थन लेने की संभावनाओं पर राउत ने कहा, 'हम कांग्रेस-एनसीपी का समर्थन लेने की आशंका से मना नहीं कर सकते। राजनीति में कोई भी साधु-संत नहीं होता है। हालांकि शिवसेना अब भी अपने सिद्धांतों में विश्वास करती है।'

राउत बोले, 50-50 फॉर्मूले पर हुई थी बात  

इसके साथ ही राउत ने कहा कि मुझे नहीं पता की सीएम ने क्या कहा। अगर वह कहते हैं कि 50-50 फॉर्मूला की कभी बात ही नहीं हुई थी तो सच की परिभाषा बदलनी होगी। सीएम पद को लेकर जो भी चर्चा हुई थी वो सभी को पता है। वहां पर मीडिया भी था। 
 

शिवसेना ने महाराष्ट्र में 50-50 फॉर्मूले से कम पर मानने से इनकार कर दिया है। वहीं भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनने की बात को स्वीकार नहीं करेगी। शिवसेना के बहुत से विधायक चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे का बेटा और वर्ली विधानसभा से विधायक आदित्य ठाकरे को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाए। 29 साल के आदित्य ठाकरे परिवार में चुनाव लड़ने और जीतने वाले पहले सदस्य हैं।

शिवसेना नेता ने कहा कि पार्टी उप मुख्यमंत्री पद पर नहीं मानेगी। उन्होंने कहा, 'यदि भाजपा नहीं मानती है तो हमारे पास समय है। उनके पास बहुमत नहीं है और वह सबसे बड़ी पार्टी है। यदि वह सेना के बिना चल सकते हैं तो मैं उनका स्वागत करता हूं और उन्हें बधाई देता हूं।' चुनाव परिणाम में भाजपा को उतनी सीटों पर बहुमत नहीं मिला जितनी की उसे उम्मीद थी। इसी कारण उसे सरकार बनाने के लिए शिवसेना की जरुरत है।
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30 अक्तूबर को उद्धव ठाकरे से मिल सकते हैं अमित शाह

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 30 अक्टूबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिल सकते हैं। शाह मुंबई में विधानसभा पार्टी के नेता का चुनाव करने के लिए भाजपा के नव-निर्वाचित विधायकों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अगर शाह और ठाकरे की मुलाकात होती है तो, इसके काफी राजनीतिक मायने हैं।

भाजपा विधान पार्षद गिरिश व्यास ने बताया कि भाजपा के विधायक दल की बैठक 30 अक्तूबर को मुंबई में होगी। इसमें पार्टी के सभी विधायक, प्रदेश के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और नेता (महाराष्ट्र भाजपा प्रभारी) सरोज पांडे भी मौजूद रहेंगे।’
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