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Shivraj Singh Chauhan: किराए पर खेती करने वाले किसानों को मिलेगा योजनाओं को फायदा, शिवराज ने दिया बड़ा अपडेट

Tue, 29 Jul 2025 08:30 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़े, इसलिए इस सरकार ने फैसला किया कि लागत में कम से कम 50% मुनाफा जोड़कर किसानों को एमएसपी दी जाएगी और व्यापक पैमाने पर एमएसपी पर फसलों की खरीद हो रही है।
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केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान देश में समग्र कृषि विकास की तथ्यों व आंकड़ों सहित जानकारी विस्तार से दी  है। कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने का अभियान निरंतर जारी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमने छह उपाय किए हैं। पहला– सरकार ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। दूसरा– आय बढ़ाने के लिए लागत घटे। तीसरा– उत्पादन के ठीक दाम मिलें। चौथा– नुकसान हो जाएं तो उसकी भरपाई करें। पांचवां– कृषि का विविधीकरण, केवल एक फसल की खेती नहीं, बल्कि फलों, फूलों, सब्जियों, औषधियों की खेती, कृषि वानिकी, मछली पालन, पशुपालन, अलग-अलग अनेकों प्रयत्न किए गए हैं।

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10 करोड़ किसानों को मिल रहा है सम्मान निधि का लाभ
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में फसलों का उत्पादन 246.42 मिलियन टन से बढ़कर अब 353.96 मिलियन टन हो गया है। दलहन उत्पादन 16.38 मिलियन टन से बढ़कर 25.24 मिलियन टन हो गया, वहीं तिलहन उत्पादन, 27.51 मिलियन टन से बढ़कर 42.61 मिलियन टन हो गया है। बागवानी उत्पादन 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 367.72 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि किसान ही दूध का उत्पादन करता है, वह भी काफी बढ़ गया है। कृषि मंत्री चौहान ने कहा, जहां तक किसानों की आय का सवाल है, मैं दावे के साथ कहता हूं कि कई किसानों की आय दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। जब यूपीए सरकार थी, तब केवल 27 हज़ार करोड़ रु. कृषि बजट था, जो अब 1 लाख 27 हज़ार करोड़ रुपए है। ये एनडीए की सरकार है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पहले थी ही नहीं, 10 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि से लाभान्वित किया जा रहा है।

शिवराज सिंह ने कहा कि लगभग 2 लाख करोड़ रुपए उर्वरकों पर सब्सिडी मोदी सरकार दे रही है। जब यूपीए की सरकार थी, तब केसीसी और बाकी संस्थागत लोन जो मिलता था, वो सिर्फ 7 लाख करोड़ रु. था, अब 25 लाख करोड़ रु. लोन मिल रहा है। फसल बीमा योजना में एनडीए सरकार ने 35 हज़ार करोड़ रु. प्रीमियम के मुकाबले 1 लाख 83 हज़ार करोड़ रु. क्लेम किसानों के खाते में डालने का काम किया है। एनडीए सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए मैकेनाइजेशन पर सब्सिडी दे रही है। "पर ड्रॉप-मोर क्रॉप" पर किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर दिए जा रहे हैं। पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस टेक्नोलॉजी, फल-सब्जियों के उत्पादन से लेकर बाकी सभी चीजों में उत्पादन बढ़ाने के प्रयास और ठीक ढंग से खरीदने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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किराए पर खेती करने वाले किसानों को मिलेगा फायदा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़े, इसलिए इस सरकार ने फैसला किया कि लागत में कम से कम 50% मुनाफा जोड़कर किसानों को एमएसपी दी जाएगी और व्यापक पैमाने पर एमएसपी पर फसलों की खरीद हो रही है। यूपीए सरकार ने तो 50% उत्पादन लागत पर जोड़ने से कैबिनेट बैठक में इनकार कर दिया था कि ये बाज़ार को विकृत कर देगा, ये संभव नहीं है। अब एमएसपी पर रिकॉर्ड ख़रीदी हो रही है, नुक़सान की भरपाई की जा रही है। यूरिया, डीएपी, बाकी उर्वरक, सब्सिडी पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय निरंतर बढ़ रही है। कई योजनाएं उन किसानों के लिए चलाई जाती है, जिनके पास लैंड होल्डिंग होती है। जो टेनेंट फॉर्मर्स हैं, उनके लिए अलग-अलग योजना है। केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अगर जिसके पास स्वामित्व है वो किसान, टेनेंट फॉर्मर को अधिकृत कर देते हैं तो फसल बीमा योजना का लाभ उनको मिलता है। एमएसपी की खरीद के लिए भी लैंड होल्डिंग वाला किसान अधिकृत करें राज्य की अनुमति से तो उससे एमएसपी की खरीद की जाती है, टेनेंट किसान एफपीओ मेंबर बन सकता है। पिछले दिनों जो हमारे टेनेंट फॉर्मर्स हैं और जो बटाई पर खेती करते हैं, उनको प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में ऐसे टेनेंट और शेयर क्रॉपर दोनों मिलाकर शेयर क्रॉपर 6 लाख 55 हजार 846 किसानों को लाभ दिया गया है, वहीं 41 लाख 62 हजार 814 किसानों को लाभ दिया गया है। 

कृषि मंत्री ने दिए ये आंकड़े
शिवराज सिंह ने कहा कि दलहन व तिलहन खरीद के लिए पीएम आशा योजना बनाई है। तुअर, मसूर व उड़द ये 100% खरीदी जाएगी एमएसपी पर, ये फैसला किया है, और बाकी भी जो फसलें दलहन, तिलहन की हो, उसे भी खरीदने की उचित व्यवस्था की गई है। हम लगातार प्रयत्न कर रहे हैं कि बिचौलिए सफल ना हो पाएं, किसानों को जो एमएसपी का रेट तय है, वो ठीक ढंग से मिलें। श्री चौहान ने आंकड़ों सहित बताया कि धान की एमएसपी 2013-14 में ₹1310 थी, अब बढ़कर ₹2369 हो गई है। बाजरा ₹1250 से ₹2775 हो गया। रागी की ₹1500 से बढ़ाकर ₹4886 कर दी गई। मक्का की ₹1310 से बढ़ाकर ₹2400 कर दी गई। तुअर की ₹4300 से बढ़ाकर ₹8000 कर दी गई। मूंग की ₹4500 से बढ़ाकर ₹8768 कर दी गई। उड़द ₹4300 से बढ़ाकर ₹7800 कर दी गई। मूंगफली की ₹4000 से बढ़ाकर ₹7263 कर दी गई। सूरजमुखी की ₹3700 से बढ़ाकर ₹7721 कर दी गई। सोयाबीन की ₹2560 से बढ़ाकर ₹5328 कर दी गई। तिल की ₹4500 से बढ़ाकर ₹9846 कर दी गई। रामतिल की ₹3500 से बढ़ाकर ₹9537 कर दी गई। कपास की ₹3700 से बढ़ाकर ₹7710 कर दी गई। ये एमएसपी दोगुनी तो की ही है, और खरीद भी कई गुना ज़्यादा की है। जब यूपीए सरकार थी, तो 10 साल में केवल 6 लाख मीट्रिक टन दलहन खरीदी थी, हमने 1 करोड़ 82 लाख मीट्रिक टन खरीद की है। 

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि मोदी किसान हितैषी प्रधानमंत्री हैं, इसलिए पूर्व की फसल बीमा योजना को किसान हितैषी बनाकर उसमें अनेक परिवर्तन किए गए हैं। अब अगर बीमा कंपनी, किसान को जो क्लैम बनता है, उसका समय पर भुगतान नहीं करती तो निर्धारित तिथि के 21 दिन में भुगतान नहीं करने पर 12% ब्याज बीमा कंपनी पर लगाया जाएगा, जो किसान के खाते में डाला जाएगा। दूसरा, कई बार राज्य सरकार का शेयर आने में देर होती है, कुछ सरकार तो ऐसी हैं कि हम शेयर किसान का देंगे और दिया ही नहीं, जैसे आंध्र में जगन सरकार थी, तो मामला अटक गया था, अब हमने यह तय कर दिया कि राज्य सरकार अपना शेयर दे या ना दें, केंद्र सरकार अपना शेयर डाल देगी, राज्य सरकर भी अगर शेयर करने में देर करेगी तो 12% ब्याज उस पर भी लगेगा, जो किसान के खाते में जाएगा।

शिवराज सिंह ने कहा कि अब हमने क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट की दिक्कतें दूर कर यसटेक (प्रौद्योगिकी आधारित उपज अनुमान) प्रणाली अपनाई है, सेटेलाइट आधारित रिमोट सेन्सिंग के माध्यम से हम फसल का आंकलन करेंगे, कोई आदमी बीच में नहीं होगा, जो क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट में गड़बड़ कर देता था, अब डिजिटली हम फसल की क्षति का आंकलन करेंगे और उसके आधार पर पूरी की पूरी भरपाई किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत की जाएगी। 

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