कर्नाटक सरकार में आंतरिक क्लेश की खबरों के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सीएम सिद्धारमैया का बचाव किया। उन्होंने प्रशासन से नियंत्रण खोने वाली बात को खारिज करते हुए कहा कि सीएम सिद्धारमैया का प्रशासन पर पूरा नियंत्रण है, मीडिया इस मुद्दे को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर असंतोष की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बचाव किया है। उन्होंने इन दिनों लगातार सुर्खियों में चल रहे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्रशासन पर से नियंत्रण खोने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। शिवकुमार ने कहा कि सीएम ने कोई नियंत्रण नहीं खोया है। ऐसा कुछ नहीं है।
कर्नाटक कांग्रेस विधायकों का विरोध
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के दो विधायक, बीआर पाटिल (अलंद) और राजू कागे (कागवाड़) ने सरकार के कामकाज पर खुलेआम सवाल उठाए हैं। जहां एक ओर बीआर पाटिल ने आवास विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जबकि राजू कागे ने विकास कार्यों में देरी और फंड जारी न होने की शिकायत करते हुए इस्तीफे तक की बात कही है। उन्होंने कहा था कि प्रशासन पूरी तरह से ठप हो गया है।
पार्टी में आंतरिक क्लेश का माहौल
कर्नाटक मे ंकांग्रेस विधायकों की तरफ से अपने ही सरकार के खिलाफ बोलना विपक्षी दलों के लिए निशाना साधने का कारण बना। देखा जाए तो इन बयानों से कांग्रेस सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। विपक्षी भाजपा और जेडीएस ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया व आवास मंत्री बीजेड. जमीर अहमद खान से इस्तीफे की मांग की है।
सिद्धारमैया ने दोनों विधायकों से की मुलाकात
गौरतलब है कि पार्टी में मतभेद की खबरों के बीच बीते बुधवार को दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोनों विधायकों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं और आश्वासन दिया कि मुद्दों का समाधान किया
जाएगा। साथ ही उनसे आग्रह किया कि वे सरकार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान न दें।
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इसके अलावा दिल्ली दौरे के दौरान सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला से भी मुलाकात की। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सलाह दी है कि विधायकों को भरोसे में लें और किसी को भी सरकार के खिलाफ बयानबाजी न करने दें।