फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: भाजपा के 'औरंगजेब' वाले कटाक्ष पर उद्धव की पार्टी का पलटवार, AIMIM से गठबंधन को दिलाया याद

Fri, 13 Feb 2026 03:32 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर

सार

Parbhani Mayor Election: महाराष्ट्र की परभणी नगर निगम में महापौर पद के लिए शिवसेना (यूबीटी) ने सैयद इकबाल को नामित किया, जिसके बाद वो कांग्रेस के समर्थन से नए महापौर चुने गए। जिसके बाद भाजपा ने  'औरंगजेब' वाला कटाक्ष किया, जिस पर अब शिवसेना यूबीटी सांसद ने पलटवार किया है। 
विज्ञापन
शिवसेना सांसद संजय जाधव का भाजपा पर तंज - फोटो : ANI Photos
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय जाधव ने परभणी महापौर चुनाव को लेकर भाजपा के 'औरंगजेब' वाले कटाक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुत्व का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए, क्योंकि उसने दो नगर परिषदों में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ हाथ मिलाया था।
विज्ञापन


दरअसल, भाजपा ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) की परभणी नगर निगम में महापौर पद के लिए पार्टी पार्षद सैयद इकबाल को नामित करने के लिए आलोचना की और उनपर पर मराठी 'मानुष' (मराठी लोगों) की अनदेखी करने का आरोप लगाया। गुरुवार को कांग्रेस के समर्थन से इकबाल मध्य महाराष्ट्र के परभणी शहर के नए महापौर चुने गए। उन्होंने अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी तिरुमाला खिल्लारे को 13 वोटों के अंतर से हराया।

चुनाव के बाद महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बान ने कहा, 'उद्धव ठाकरे परभणी में औरंगजेब के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे चुनाव से पहले मराठी मानुष का नाम लेते हैं, लेकिन जब महापौर चुनने का समय आता है, तो वे एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतार देते हैं।' इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए परभणी सांसद जाधव ने बताया कि भाजपा ने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद और अमरावती की अचलपुर नगर परिषद में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन किया।
विज्ञापन


भाजपा को याद दिलाया एआईएमआईएम से गठबंधन
उन्होंने कहा, “हमने एआईएमआईएम के साथ हाथ नहीं मिलाया, जैसा कि भाजपा ने अकोट और अचलपुर में किया। इसलिए भाजपा को हमें हिंदुत्व का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए। जब भी हिंदुत्व के लिए आवाज उठाने की जरूरत पड़ी, बाल ठाकरे के शिवसैनिक सड़कों पर उतर आए, जबकि भाजपा घर पर बैठी रही। अगर वे हमारे खिलाफ औरंगजेब का जिक्र करते हैं, तो क्या हमें उन्हें अफजल खान (छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा मारा गया एक सेनापति) कहना चाहिए, क्योंकि वे अकोट और अचलपुर में एआईएमआईएम के साथ गए थे?'

ये भी पढ़ें: Maharashtra: 'शिवसेना UBT पार्षदों ने चंद्रपुर में BJP का समर्थन करने के लिए ₹1 करोड़ लिए', मनसे नेता का दावा
विज्ञापन


'हमारी दो बार मदद की, इसलिए...'
उन्होंने दावा किया कि एआईएमआईएम भाजपा की बी टीम है, जिसका इस्तेमाल वे हिंदुत्व के नाम पर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम समुदाय ने शिवसेना यूबीटी की मदद की। उन्होंने हमारी दो बार मदद की, लेकिन एआईएमआईएम की मदद नहीं की, क्योंकि वे इस पार्टी को भाजपा की बी टीम मानते थे। इसलिए हमने उन्हें महापौर का पद दिया। अगली बार जब नए महापौर का चुनाव होगा, तो हम एक हिंदू उम्मीदवार को मनोनीत करेंगे।'

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें