फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: शिवसेना यूबीटी नेता राउत ने मानहानि मुकदमे पर मांगी माफी, महाराष्ट्र के मंत्री ने केस लिया वापस

Sat, 21 Feb 2026 02:51 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने अपने खिलाफ दायर मानहानि मुकदमे पर माफी मांग ली है। इसके बाद से महाराष्ट्र के मंत्री ने केस वापस ले लिया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। 
विज्ञापन
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के मंत्री दादा भूसे ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के खिलाफ दायर मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया है। दरअसल, संजय राउत ने नासिक की एक अदालत के समक्ष खेद व्यक्त क किया।उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का उनका आरोप गलत जानकारी पर आधारित था। दोनों नेता शनिवार सुबह मालेगांव की अदालत में एक साथ पेश हुए। कार्यवाही के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, सत्ताधारी शिवसेना के नेता भुसे ने कहा कि दोनों ने अदालत के सामने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे विवाद को समाप्त करना चाहते हैं।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Tamil Nadu: विधानसभा से चुनाव पहले गरमाया भाषा विवाद, उदयनिधि स्टालिन बोले- तमिलनाडु में हिंदी की कोई जगह नहीं

भ्रष्टाचार में शामिल होने का लगाया था आरोप
भुसे की मानहानि की शिकायत 2023 में शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक लेख से संबंधित है। इसमें राउत ने उन पर मालेगांव स्थित गिरना सहकारी चीनी कारखाने में 178 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया था। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा, "मैंने अदालत को सूचित किया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की सुनवाई के आधार पर मैंने कुछ बयान दिए थे। ये बयान अद्वय हीराय ने दिए थे।  मैंने पार्टी सहयोगी होने के नाते उनका समर्थन किया था। अब हीराय खुद भाजपा में शामिल हो गए हैं, इसलिए उन्हें इस मामले को आगे बढ़ाना चाहिए।"
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Rohit Pawar: अजित पवार विमान हादसे पर रोहित पवार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, उड्डयन मंत्री को हटाने की मांग की
विज्ञापन


गलत जानकारी के आधार पर दिए बयान
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य ने कहा "मैंने अदालत को यह भी सूचित किया था कि अदालत में मेरी ओर से कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं है। मामला पहले से ही चल रहा था और याचिका दायर करने वाला अब सत्ताधारी दल में शामिल हो गया है। उन्हें मामला चलाने दीजिए।" उन्होंने कहा कि उन्हें गलत जानकारी मिली थी। उसी आधार पर उन्होंने भुसे के खिलाफ आरोप लगाए थे। राउत ने कहा कि उन्होंने अदालत में खेद व्यक्त किया। मालेगांव के किसानों और नागरिकों से किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, "दादा भूसे और मेरे बीच अच्छे संबंध हैं। यह महाराष्ट्र की संस्कृति है। मैंने गलत जानकारी के आधार पर बयान दिए।"


स्कूल शिक्षा मंत्री भूसे ने कहा कि राउत ने उन पर 178 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह आरोप झूठा था और हीराय द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित था। मालेगांव के बाहरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भूसे ने कहा, "राउत ने मालेगांव के किसानों और नागरिकों से माफी मांग ली है। किसानों और निवासियों के बीच फैली भ्रम की स्थिति और उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए, दावा वापस ले लिया गया है। उन्होंने खेद व्यक्त किया और मामला यहीं समाप्त हो गया है।"

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें