नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र सरकार और मीडिया प्लेटफार्मों के बीच जारी विवाद में शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए भाजपा पर तंज कसा है। शिवसेना ने कहा, जो ट्विटर कभी भाजपा की आत्मा थी, वह आज मोदी सरकार के लिए बोझ बन गई है। अब सरकार इसे देश से बाहर फेंकना चाहती है।
शिवसेना ने सामना में ट्विटर सेना में भगदड़ शीर्षक से प्रकाशित संपादकीय में लिखा है कि देश के सभी मीडिया प्रचार-प्रसार माध्यम आज मोदी सरकार के पूर्ण नियंत्रण में आ गए हैं लेकिन ट्विटर जैसे माध्यम निरंकुश हैं। मोदी सरकार की इस चेतावनी को भी ट्विटर सुनने के लिए तैयार नहीं है।
सोशल मीडिया में बीते कुछ वर्षो में कीचड़ उछालने और चरित्र हनन की मुहिम चलाई जा रही है। 2014 में ही भाजपा ने इसमें निपुणता हासिल कर ली थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी आदि नेताओं के खिलाफ भाजपा की साइबर फौज ने चरित्र हनन की मुहिम चलाई।
अब भाजपा विरोधियों ने भी उसके झूठे प्रचार का जवाब देना शुरू कर दिया है। इससे अब ट्विटर के रणक्षेत्र से भाजपा व उसकी सरकार को पीछे हटना पड़ रहा है और उनकी ट्विटर सेना में भी भगदड़ मच गई है।