देश की राजनीति में इन दिनों लव जिहाद का मुद्दा गरमाया हुआ है। भाजपा शासित राज्यों ने लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी कर दी है। वहीं, शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने लव जिहाद को लेकर कानून बनाने पर बिना नाम लिए भाजपा को घेरा है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि बंगाल में होने वाले चुनावों के लिए यह मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि विकास पर कोई चर्चा नहीं कर रहा है। पहले नीतीश कुमार यह कानून लाएं, फिर हम सोचेंगे।
संजय राउत ने कहा, देश में 'लव जिहाद' को लेकर काफी चर्चाएं चल रही हैं। मुझे लगता है कि यह एक गंभीर मामला है। पश्चिम बंगाल चुनाव आ रहा है, इसलिए एक नया विषय सामने लाया जाना चाहिए। हमारा मानना है कि चुनाव के लिए विकास एक प्रमुख मुद्दा है, लेकिन देश में 'लव जिहाद' पर चर्चा की जाएगी।
राउत ने कहा, कुछ लोग इस मुद्दे को महाराष्ट्र में भी उठा रहे हैं। हमसे पूछ रहे हैं कि हम एक कानून कब लाएंगे? मैंने आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की, मैं यह कहना चाहूंगा कि जब नीतीश जी बिहार में इस कानून को लागू करेंगे। तब हम इसकी जांच करेंगे और फिर महाराष्ट्र के लिए इस बारे में सोचेंगे।
मंत्री असलम शेख बोले, नाकामी छिपाने ला रहे हैं कानून
इससे पहले लव जिहाद को लेकर महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख ने कहा कि ये सारी बातें वहीं सामने निकलकर आ रही हैं, जहां की सरकारें अपनी अक्षमताओं को छिपाना चाहती हैं। मंत्री असलम शेख ने कहा कि जो सरकारें अपनी अक्षमताओं को छिपाना चाहती हैं, वे इस तरह के कानूनों को ला रही हैं। महाराष्ट्र सरकार अपना काम कुशलता से कर रही है और उसे ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं है।
फडणवीस के कराची वाले बयान पर राउत बोले- पहले पीओके वापस लाओ
हाल ही में, एक शिवसेना नेता ने मुंबई के बांद्रा पश्चिम में कराची स्वीट्स नाम की एक दुकान के मालिक को दुकान के नाम से 'कराची' शब्द निकालने के लिए धमकी दी। इस पर सोमवार सुबह महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा, हम 'अखंड भारत' में विश्वास करते हैं। हम यह भी मानते हैं कि कराची एक दिन भारत का हिस्सा होगा।'
दूसरी तरफ, कराची स्वीट्स के समर्थन में आए संजय राउत ने कहा था कि दुकान के मालिक का पाकिस्तान से कुछ लेना-देना नहीं है, इसलिए दुकान का नाम बदलने की मांग शिवसेना का अधिकृत रुख नहीं है। वहीं, अब देवेंद्र फडणवीस के 'अखंड भारत' और कराची को लेकर दिए गए बयान पर राउत ने कहा, 'पहले वह कश्मीर लाओ, जिस पर पाकिस्तान का कब्जा है। हम बाद में कराची जाएंगे।'