केंद्र में भाजपा मजबूत स्थिति में हैं उसे पीएम मोदी के नेतृत्व में हराना काफी मुश्किल है। इसके लिए विपक्षी पार्टियां महागठबंधन कर चुकी हैं जो असफल रहा। अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार नया मोर्चा खोलना चाहते हैं, इसको लेकर एक मीटिंग भी हुई थी जिसमें कांग्रेस नहीं थी।
शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस के साथ मिलकर विपक्ष का मजबूत मोर्चा बनाया जा सकता है। यहां तककि कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया है। इस देश में विपक्ष एक साथ आए तो एक मजबूत राजनीतिक विकल्प उभर सकता है।
कोई विकल्प खड़ा होगा, तो यह कांग्रेस को साथ लेकर ही किया जाएगा
क्या एनसीपी प्रमुख शरद पवार एक नए वैकल्पिक गठबंधन का चेहरा होंगे इस बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इस पर हमने चर्चा नहीं की है, लेकिन मुझे लगता है कि सामूहिक नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए हमें आगे बढ़ना होगा। मैंने वर्षों तक ऐसा किया लेकिन अभी मैं सभी को एक साथ रखने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें मजबूत करने के लिए काम करूंगा।
पवार ने कहा कि बैठक (राष्ट्र मंच की बैठक) में गठबंधन पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन अगर कोई वैकल्पिक बल खड़ा करना है, तो यह कांग्रेस को साथ लेकर ही किया जाएगा। हमें ऐसी ही सत्ता चाहिए और मैंने उस बैठक में यह कहा था।
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने यह भी कहा कि हर राजनीतिक दल को अपना विस्तार करने का अधिकार है। हम अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ऊर्जा बढ़ाने के लिए ऐसे बयान भी देते हैं। इसी तरह, अगर कांग्रेस ऐसा कुछ कहती है (अगले चुनाव अकेले लड़ने के लिए) तो हम इसका स्वागत करते हैं, क्योंकि यह उनका अधिकार (अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए) है।