अयोध्या में संघ परिवार की प्रस्तावित हुंकार रैली को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने जब 25 नवंबर को अयोध्या जाने की घोषणा की, उसके बाद संघ को अयोध्या की चिंता हुई। उन्होंने पूछा कि आखिर 25 को ही वहां संघ की हुंकार रैली करने का मुहूर्त किसने निकाला...
शिवसेना के मुखपत्र में ‘हुंकार का मुहूर्त किस का पंचांग’ नामक शीर्षक से संपादकीय लिखा गया है। इसमें संघ परिवार पर निशाना साधा गया है। संपादकीय में लिखा गया है कि निश्चित ही इस मुहूर्त के लिए पंचांग की मदद ली गई है, क्योंकि 25 तारीख को अयोध्या में राम मंदिर के लिए आंदोलन करने या हुंकार भरने का ख्याल संघ के मन में पहले नहीं था।
25 को भाजपा सहित आरएसएस, विहिप आदि ने हुंकार रैली करना तय किया है। लेख में कहा गया है कि हमारे मन में कटुता या द्वेष नहीं है, बल्कि हम हुंकार रैली का स्वागत करते हैं, लेकिन हिंदुत्ववादियों में अलगाव का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। मंदिर मुद्दे पर अलग-अलग प्रदर्शन करने वालों ने ही राम को वनवास भेजा है।
गौरतलब है कि 12 नवंबर को शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने अयोध्या में विहिप के पुराने मुख्यालय कारसेवकपुरम जाकर अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय से भेंट की थी। राउत ने बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या में करीब एक घंटा हिंदी में भाषण देने वाले हैं। इसके लिए वह विशेषज्ञों से हिंदी की ट्यूशन ले रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि वे अपने भाषण को प्रभावी बनाने के लिए हिंदी के धारदार शब्दों का इस्तेमाल करना चाहते हैं।
उत्तर भारतीयों को पीटने वाले क्या जवाब देंगे : विहिप
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश विष्णु कोकजे ने कहा है कि उद्धव को पहले बाल ठाकरे का स्मारक बनवाना चाहिए उसके बाद अयोध्या में राम मंदिर बनवाने के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तर भारतीयों को पीटने वाले अयोध्या में क्या जवाब देंगे। शिवसेना मंदिर मुद्दे को हाईजैक करना चाहती है, इसलिए 25 नवंबर को उद्धव अयोध्या में शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं।